चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी की पहली सूची जारी होने के तुरंत बाद दो मौजूदा विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। समाना विधानसभा क्षेत्र से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी से नाता तोड़ लिया है।
दोनों विधायक चंडीगढ़ में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की जनसभा के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ले सकते हैं। पार्टी छोड़ने की वजह साफ करने के लिए उन्होंने चंडीगढ़ में शाम साढ़े चार बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है।
टिकट और आपराधिक मामलों की खींचतान
चेतन सिंह जौड़ामाजरा भगवंत मान सरकार में मंत्री रह चुके हैं। कुछ समय पहले पार्टी ने पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को उनकी जगह समाना सीट का हलका इंचार्ज नियुक्त कर दिया था, जिसके बाद से नाराजगी की चर्चाएं थीं।
वहीं, हरमीत सिंह पठानमाजरा पर बलात्कार का मामला दर्ज हुआ था। कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए वे ऑस्ट्रेलिया चले गए थे और बाद में जांच में शामिल होने लौटने पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
आप का पलटवार: 'बीजेपी निष्कासित नेताओं को बटोर रही है'
घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए आप के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि पार्टी ने हमेशा राज्य के हितों को सर्वोपरि रखा है।
अरोड़ा ने कहा- "आम आदमी पार्टी ने कभी भ्रष्टाचार या पंजाब विरोधी गतिविधियों को सहन नहीं किया। जिन लोगों ने नियमों के खिलाफ काम किया, उन्हें बिना किसी झिझक के बाहर का रास्ता दिखाया गया। अब बीजेपी ऐसे ही निष्कासित लोगों को इकट्ठा कर रही है क्योंकि उसके पास अपना कोई जनाधार नहीं बचा है।"
उन्होंने आगे कहा कि जिस व्यक्ति पर पुलिस पर गोली चलाने और फरार रहने का आरोप रहा हो, जिसे मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने जेल भेजा हो, वह पंजाब का भला कैसे कर सकता है। पार्टी प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने भी स्पष्ट किया कि इन नेताओं के आचरण को देखते हुए आप ने इन्हें पहले ही साइडलाइन कर दिया था।
