जयपुर के नगर निगमों समेत राजस्थान के सात नगरीय निकायों में हुए उपमहापौर चुनावों में राजनीतिक दलों के अंकगणित से अलग नतीजे सामने आए हैं। मंगलवार को हुए इन चुनावों में कुल सात में से छह स्थानों पर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी विजयी रहे, जबकि पाली में कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार ने बाजी मारी। कई जगह बहुमत के बावजूद दलों को शिकस्त का सामना करना पड़ा, तो कुछ निकायों में लॉटरी और पर्ची से हार-जीत का फैसला हुआ।
बीकानेर: कांग्रेस के पास बहुमत फिर भी भाजपा जीती
बीकानेर नगर निगम में सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहां संख्या बल के विपरीत भाजपा ने बाजी मार ली। निगम में कांग्रेस के पास 42 पार्षद हैं और महापौर पद भी कांग्रेस के अनिल कल्ला के पास है, इसके बावजूद उपमहापौर पद पर भाजपा के पंकज गहलोत ने जीत दर्ज की।
मतदान में पंकज गहलोत को 40 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी नसीम बानो को 38 वोटों से संतोष करना पड़ा। इस मुकाबले में एक वोट नोटा और एक वोट निरस्त घोषित किया गया। कांग्रेस को उसके तयशुदा संख्या बल से चार वोट कम मिले, जिसके चलते पूरा समीकरण बदल गया और बीकानेर में महापौर और उपमहापौर अलग-अलग दलों के हाथ चले गए।
अजमेर और पाली में लॉटरी से हुआ फैसला
अजमेर और पाली नगर निगमों में मुकाबला बराबरी पर छूटने के बाद प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत लॉटरी से विजेता का फैसला किया गया। अजमेर में भाजपा के हेमंत सांखला और कांग्रेस के नोरत गुर्जर दोनों को 40-40 वोट मिले। इसके बाद पर्ची निकाली गई, जिसमें हेमंत सांखला के नाम की पर्ची निकलने पर उन्हें विजयी घोषित किया गया।
अजमेर के 80 सदस्यीय बोर्ड में कांग्रेस के 37 और भाजपा के 32 पार्षद हैं, जबकि 11 निर्दलीय हैं। इसके बावजूद भाजपा ने महापौर अनामिका शर्मा के बाद उपमहापौर का पद भी अपने नाम कर लिया। पाली में भी ऐसा ही मुकाबला देखने को मिला, जहां निर्दलीय महबूब टी और भाजपा के विक्रम पाल सिंह को 29-29 वोट मिले।
एक वोट निरस्त हुआ और एक वोट नोटा में गया। 65 वार्डों वाले इस निगम में पांच पार्षदों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया था। पर्ची से हुए फैसले में महबूब टी विजयी रहे। महबूब टी ने पार्टी से टिकट न मिलने के बाद निर्दलीय के रूप में नामांकन दाखिल किया था। पाली में महापौर भाजपा की नमिता बुबकिया हैं, लेकिन उपमहापौर पद निर्दलीय के पास चला गया।
उदयपुर, अलवर और भरतपुर में भाजपा की स्पष्ट जीत
उदयपुर नगर निगम में भाजपा के दिनेश भट्ट ने कांग्रेस के लक्ष्मीनारायण मेघवाल को 32 वोटों के बड़े अंतर से हराया। अस्सी सदस्यीय बोर्ड में दिनेश भट्ट को 56 वोट मिले, जबकि मेघवाल के खाते में 24 वोट आए। इससे पहले उदयपुर में पारस सिंघवी महापौर चुने जा चुके हैं, जिससे अब दोनों प्रमुख पद भाजपा के पास आ गए हैं।
अलवर नगर निगम में भाजपा के अजय पूनिया ने उपमहापौर पद पर जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस की ममता सैनी को 16 वोटों के अंतर से हराया। पूनिया को 40 और सैनी को 24 वोट मिले, जबकि एक वोट निरस्त हुआ। 65 वार्डों वाले इस नवगठित निगम में भाजपा को निर्दलीय पार्षदों का भी समर्थन मिला।
भरतपुर नगर निगम में भाजपा की अंबिका सैनी ने कांग्रेस के गजेंद्र सैनी को 34 वोटों के अंतर से पराजित किया।
भीलवाड़ा में दोनों पदों पर निर्विरोध निर्वाचन
भीलवाड़ा नगर निगम में उपमहापौर का चुनाव पूरी तरह निर्विरोध संपन्न हुआ। भाजपा के राधेश्याम सोमानी के अलावा किसी अन्य प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया, जिसके चलते उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। इससे पहले भीलवाड़ा में भाजपा की जसवंत कंवर भी निर्विरोध महापौर चुनी जा चुकी हैं। इस तरह भीलवाड़ा जिले के इस निकाय में दोनों प्रमुख पदों पर निर्वाचन बिना किसी मुकाबले के पूरा हुआ।
