Tuesday, 22 September 2026
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RAS प्रियंका बिश्नोई मौत मामला: जोधपुर के वसुंधरा अस्पताल के डॉक्टरों पर धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों का केस दर्ज

संक्षेप में

आरएएस अधिकारी प्रियंका बिश्नोई की मौत के मामले में जोधपुर के वसुंधरा अस्पताल के संचालकों और डॉक्टरों के खिलाफ अदालत के आदेश पर धोखाधड़ी और मेडिकल रिकॉर्ड में फर्जीवाड़े की नई एफआईआर दर्ज की गई है।

मुख्य बातें

  • वसुंधरा अस्पताल के चार डॉक्टरों के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की गई है।
  • डॉक्टरों पर मेडिकल रिकॉर्ड में बैकडेट एंट्री करने और फर्जी दस्तावेज बनाने का आरोप है।
  • ब्लड सैंपल की रिपोर्ट मिलने से पहले ही ऑपरेशन शुरू करने का खुलासा हुआ है।
  • अहमदाबाद में इलाज के दौरान 18 सितंबर 2024 को प्रियंका बिश्नोई की मौत हुई थी।
जोधपुर संभाग
RAS प्रियंका बिश्नोई मौत मामला: जोधपुर के वसुंधरा अस्पताल के डॉक्टरों पर धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों का केस दर्ज

आरएएस अधिकारी प्रियंका बिश्नोई की मौत के मामले में जोधपुर के वसुंधरा अस्पताल के संचालकों और डॉक्टरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अदालत के आदेश पर चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी, कूट रचित दस्तावेज तैयार करने और जांच एजेंसियों को गुमराह करने की धाराओं में नई एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने मामले की जांच उपनिरीक्षक महेंद्र कुमार को सौंपी है।

मेडिकल रिकॉर्ड में बैकडेट एंट्री और फर्जीवाड़े के आरोप

मृतक अधिकारी के पिता रक्षपाल बिश्नोई ने अस्पताल के डॉक्टरों पर अपनी लापरवाही छिपाने के लिए मेडिकल रिकॉर्ड में बैकडेट एंट्री करने का गंभीर आरोप लगाया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि 5 सितंबर 2024 को दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर प्रियंका का ब्लड सैंपल लिया गया था, जिसकी रिपोर्ट डेढ़ बजे मिली। हालांकि, रिपोर्ट आने से पहले ही दोपहर एक बजकर 5 मिनट पर उनका ऑपरेशन शुरू कर दिया गया था।

इनेस्थीसिया रिकॉर्ड की जांच में यह बात भी सामने आई कि जिस समय ब्लड सैंपल लिया ही नहीं गया था, उससे पहले के समय में ही रिपोर्ट देख लिए जाने की एंट्री दर्ज कर दी गई थी। इस फर्जीवाड़े और इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड (EMR) में छेड़छाड़ के आधार पर अब लैब रिकॉर्ड, स्याही और डिजिटल डेटा की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।

अहमदाबाद में इलाज के दौरान हुई थी मौत

ऑपरेशन के बाद तबीयत बिगड़ने पर परिजन प्रियंका बिश्नोई को जोधपुर से अहमदाबाद लेकर गए थे, जहां इलाज के दौरान 18 सितंबर 2024 को उनकी मौत हो गई थी। परिवार ने आरोप लगाया था कि वसुंधरा अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान उन्हें एनेस्थीसिया का ओवरडोज दे दिया गया था, जिससे वे कोमा में चली गई थीं।

इसके विपरीत, अस्पताल के निदेशक डॉ. संजय मकवाना ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि ऑपरेशन सफल रहा था और तबीयत अहमदाबाद ले जाने के दौरान बिगड़ी थी। डॉक्टरों के अनुसार, अहमदाबाद में सीटी स्कैन के बाद पता चला था कि उनके दिमाग में 'आर्टिओवेनस मालफॉर्मेशन' की समस्या के कारण नस फट गई थी और रक्त फैल गया था। पूर्व में मेडिकल कमेटी की क्लीन चिट के आधार पर पुरानी एफआईआर निरस्त हो गई थी, लेकिन अब ईएमआर ऑडिट और फर्जीवाड़े के नए साक्ष्यों के आधार पर यह कानूनी कार्रवाई की गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

RAS प्रियंका बिश्नोई की मौत के मामले में नया मामला क्यों दर्ज हुआ है?

अस्पताल के डॉक्टरों पर मेडिकल रिकॉर्ड में बैकडेट एंट्री करने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और जांच एजेंसियों को गुमराह करने के गंभीर आरोपों के बाद कोर्ट के आदेश पर नई एफआईआर दर्ज की गई है।

किन डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है?

चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना पुलिस ने वसुंधरा अस्पताल के संचालक डॉ. संजय मकवाना, डॉ. रेनू मकवाना, डॉ. विनोद शैली और डॉ. जितेंद्र खेतावत के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

प्रियंका बिश्नोई के इलाज में मेडिकल लापरवाही के क्या सबूत सामने आए हैं?

जांच में सामने आया है कि ब्लड सैंपल की रिपोर्ट मिलने से पहले ही ऑपरेशन शुरू कर दिया गया था और इनेस्थीसिया रिकॉर्ड में सैंपल लेने के समय से पहले ही रिपोर्ट देखने की एंट्री दर्ज कर दी गई थी।

RAS प्रियंका बिश्नोई का निधन कब और कहाँ हुआ था?

आरएएस अधिकारी प्रियंका बिश्नोई का निधन 18 सितंबर 2024 को अहमदाबाद के एक अस्पताल में इलाज के दौरान हुआ था।