पंजाब में आम आदमी पार्टी के नेताओं के लगातार पाला बदलने के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। संगरूर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने सत्तारूढ़ दल को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पार्टी अपने बुनियादी सिद्धांतों और उन वादों से पूरी तरह भटक चुकी है जिनके बूते वह सत्ता में आई थी।
अपने नेताओं का विश्वास खो चुकी है पार्टी
पायलट ने संगरूर में मीडिया से बातचीत में दावा किया कि आप के कई राज्यसभा सांसद और प्रमुख नेता पहले ही पार्टी छोड़ चुके हैं।
संगरूर के सियासी हालात पर बोलते हुए सचिन पायलट ने कहा- "जब आपकी पार्टी के अपने विधायकों और सांसदों को ही नेतृत्व पर भरोसा नहीं बचा, तो फिर पंजाब की आम जनता आप पर कैसे विश्वास कर सकती है?" उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि पार्टी अंदरूनी कलह और अविश्वास के दौर से गुजर रही है।
4 नवंबर को संगरूर में राहुल गांधी की ‘इंसाफ रैली’
दौरे की जानकारी देते हुए कांग्रेस नेता ने बताया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आगामी 4 नवंबर को संगरूर में एक बड़ी ‘इंसाफ रैली’ को संबोधित करेंगे।
यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब राज्य में राजनीतिक उठापटक अपने चरम पर है। इस रैली के जरिए पार्टी का फोकस पंजाब के हक, न्याय और राज्य में गहराते नशे व हिंसा के मुद्दों पर रहेगा। पार्टी की योजना इस मंच से कार्यकर्ताओं के साथ-साथ किसानों और युवाओं को जोड़ने की है।
भाजपा में शामिल हुए आप के तीन विधायक
दूसरी तरफ, राजनीतिक समीकरणों में फेरबदल का दौर भी जारी है। पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि 'आम आदमी पार्टी' के तीन विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा, चेतन सिंह जौरमाजरा और कुंवर विजय प्रताप सिंह ने भाजपा का दामन थाम लिया है।
भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आस्था जताने वाले इन तीनों नेताओं का पार्टी में स्वागत किया है। इसके साथ ही राज्य में राजनीतिक दलों के बीच खींचतान और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
