हरियाली अमावस्या पर श्रीसांवलियाजी ने पहने सोने के वस्त्र, मालपुए का लगा विशेष भोग; बारिश में भी नहीं थमी भक्तों की कतार

हरियाली अमावस्या के मौके पर चित्तौड़गढ़ के श्री सांवलियाजी सेठ मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। भगवान सांवलियाजी का विशेष श्रृंगार कर उन्हें सोने से बनी पोशाक पहनाई गई और मालपुए का विशेष भोग लगाया गया। बुधवार सुबह मंगला आरती से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं, जो देर शाम तक जारी रहीं। दोपहर बाद तेज बारिश शुरू होने के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ और श्रद्धालु भीगते हुए भी दर्शन के लिए कतार में खड़े रहे। मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान के आसपास के जिलों से हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।

1. मंगला आरती से पहले ही लग गई लंबी कतार

हरियाली अमावस्या के चलते श्रद्धालु तड़के ही मंदिर पहुंचने लगे थे। सुबह करीब 5 बजे मंगला आरती शुरू होने से पहले ही दर्शन के लिए लंबी कतार लग गई। दिन बढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ती गई। बड़ी संख्या में भक्त पैदल यात्रा कर सांवलियाजी के दरबार पहुंचे।

2. सोने की पोशाक से हुआ भगवान का विशेष श्रृंगार

हरियाली अमावस्या पर भगवान सांवलियाजी का खास श्रृंगार किया गया। ओसरा पुजारी कमलेश वैष्णव और गोविंद वैष्णव ने भगवान को गंगाजल से स्नान करवाया। इसके बाद उन्हें सोने की पोशाक, केसर-चंदन का तिलक, गुलाब के फूलों और नोटों की माला पहनाई गई। तुलसी का गुच्छ भी अर्पित किया गया। मंदिर के गर्भगृह से लेकर पूरे कॉरिडोर तक फूलों और रंग-बिरंगे गुलदस्तों से आकर्षक सजावट की गई।

3. तेज बारिश में भी दर्शन के लिए डटे रहे भक्त

दोपहर करीब 1 बजे के बाद तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी जरूर हुई, लेकिन दर्शन की कतार नहीं टूटी। कई भक्त बारिश में भीगते हुए अपनी बारी का इंतजार करते रहे। हालांकि आसपास के गांवों से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर बारिश का कुछ असर पड़ा, लेकिन मंदिर परिसर में देर शाम तक भक्तों की आवाजाही बनी रही।

4. मालपुए का विशेष भोग, भंडारे में प्रसादी

हरियाली अमावस्या पर भगवान सांवलिया सेठ को मालपुए का विशेष भोग लगाया गया। इसके बाद नई धर्मशाला में ब्रह्मभोज और देवकी सदन धर्मशाला में महाप्रसादी का आयोजन किया गया। हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भी सेवा कार्य किए। भादसोड़ा रोड पर राम रसोड़े लगाए गए, जबकि कई स्थानों पर चाय, पकौड़े, केले और अन्य फल नि:शुल्क वितरित किए गए।

5. बाजारों में भी रही रौनक, प्रशासन ने संभाली व्यवस्था

मेले के कारण मंदिर के आसपास के बाजारों में भी दिनभर भारी चहल-पहल रही। पूजा सामग्री, प्रसाद, खिलौने और खान-पान की दुकानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। बाल भोग प्रसाद के लिए भी लंबी कतारें लगीं। वहीं भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर मंडल और प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी। मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा प्रभारी गुलाब सिंह और मंदिर प्रभारी भेरू गिरी गोस्वामी के नेतृत्व में व्यवस्थाएं संभाली गईं।

पुलिस ने संभाली सुरक्षा और यातायात व्यवस्था

अमावस्या मेले को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट रहा। भदेसर डीवाईएसपी विनोद लखेरा और मंडफिया थाना प्रभारी रविंद्र सेन के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात किया गया। मंदिर, बाजार और प्रमुख मार्गों पर निगरानी रखी गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कस्बे के बाहर पार्किंग की व्यवस्था की गई और कस्बे के अंदर वाहनों की एंट्री बंद रखी गई। इससे श्रद्धालुओं की पैदल आवाजाही और दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रही।

हरियाली अमावस्या पर दिखी आस्था की तस्वीर

हरियाली अमावस्या पर सांवलियाजी मंदिर में दिनभर भक्तिभाव का माहौल रहा। एक ओर भगवान का सोने की पोशाक में भव्य श्रृंगार और मालपुए का भोग आकर्षण का केंद्र रहा, तो दूसरी ओर बारिश के बीच भी दर्शन के लिए डटे श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था दिखाई। मंदिर परिसर से लेकर बाजारों तक बाबा के जयकारों से पूरा इलाका भक्तिमय नजर आया।