Sunday, 25 October 2026
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सऊदी अरब के तेल ठिकानों और एयरपोर्ट्स पर हूती विद्रोहियों का हमला, यमनी सेना का दावा- 24 घंटे में 300 लड़ाके ढेर

संक्षेप में

यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के अरामको तेल ठिकानों, राबिग रिफाइनरी और कई एयरपोर्ट्स पर हमले किए। इसके जवाब में यमनी सेना ने ताइज और अन्य इलाकों में सैन्य कार्रवाई करते हुए 24 घंटे में 300 से अधिक हूती लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया है।

मुख्य बातें

  • हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के तेल ठिकानों और एयरपोर्ट्स पर शनिवार को हमले किए।
  • याह्या सरी के मुताबिक, अरामको का यानबू ठिकाना, राबिग रिफाइनरी और रियाद, दम्माम, नजरान के एयरपोर्ट निशाने पर थे।
  • यमन की सरकारी सेना ने पिछले 24 घंटे में 300 से अधिक हूती लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया है।
  • सना में एक रिहायशी इमारत पर हुए हमले में छह महिलाओं और एक बच्चे की मौत हुई।
देश विदेश
सऊदी अरब के तेल ठिकानों और एयरपोर्ट्स पर हूती विद्रोहियों का हमला, यमनी सेना का दावा- 24 घंटे में 300 लड़ाके ढेर

यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों और प्रमुख हवाई अड्डों को एक बार फिर निशाना बनाया है। इस बीच, यमन की सरकारी सेना ने जवाबी कार्रवाई में पिछले 24 घंटों के दौरान 300 से अधिक हूती लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया है। दोनों पक्षों के बीच चल रहे इस संघर्ष ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है।

हूती प्रवक्ता याह्या सरी के मुताबिक, शनिवार को किए गए इन हमलों के मुख्य निशाने पर सऊदी तेल कंपनी अरामको का यानबू ठिकाना और राबिग तेल रिफाइनरी थीं। इसके अलावा रियाद, दम्माम और नजरान के एयरपोर्ट्स पर भी मिसाइल और ड्रोन दागे गए। हमलों के बाद सऊदी सिविल डिफेंस ने मक्का और मदीना क्षेत्र में मिसाइलों के अवशेष गिरने की चेतावनी जारी करते हुए नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। पिछले एक महीने के भीतर सऊदी अरब की धरती पर हूतियों का यह छठा बड़ा हमला है।

अदन के सैन्य ठिकानों पर भी स्ट्राइक

याह्या सरी ने पुष्टि की है कि सऊदी ठिकानों के साथ-साथ यमन के अदन शहर में स्थित सैन्य कैंप और नौसैनिक अड्डों को भी नहीं बख्शा गया। अदन, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार की राजधानी है, जो लगातार हमलों के घेरे में रही है।

इससे पहले 15 अक्टूबर को अदन स्थित राष्ट्रपति भवन परिसर में एक मिसाइल गिरी थी। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में पांच लोगों की जान चली गई थी और 16 अन्य घायल हुए थे। घटना के वक्त प्रधानमंत्री शाया अल-जिंदानी समेत सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी वहीं मौजूद थे। इसके अगले दिन यानी 16 अक्टूबर को अदन एयरपोर्ट परिसर में दो मिसाइलें आकर गिरीं। ये प्रोजेक्टाइल काहिरा जाने के लिए तैयार खड़े एक यात्री विमान से बमुश्किल 500 मीटर की दूरी पर गिरे, हालांकि गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।

ताइज में सरकारी सेना का ऑपरेशन, 300 लड़ाके ढेर

एक तरफ जहां हूती विद्रोही लगातार हमले कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यमन की सरकारी सेना ने भी आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। सेना के प्रवक्ता कर्नल माजिद अब्दुल्ला अल-नजिली ने जानकारी दी है कि पिछले 24 घंटों में सैन्य बलों ने 700 से अधिक ठिकाने पर स्ट्राइक की है।

इन सैन्य अभियानों में 300 से अधिक हूती लड़ाके मारे गए हैं। ताइज इलाके में हूती ठिकानों, उनके हथियारों के गोला-बारूद गोदामों और रसद आपूर्ति के रास्तों को मुख्य रूप से ध्वस्त किया गया है। ताइज में पिछले कई हफ्तों से सेना और विद्रोहियों के बीच भीषण संघर्ष जारी है।

सना में हवाई हमले, रिहायशी इमारत ढही

दूसरी ओर, हूती संचालित मीडिया चैनल अल-मसीरा ने दावा किया है कि सऊदी गठबंधन ने राजधानी सना और उसके आसपास के इलाकों में तीव्र हवाई हमले किए हैं। मोखा शहर के नजदीक करीब 20 एयरस्ट्राइक किए जाने की सूचना है।

सना के बाहरी इलाके में एक रिहायशी इमारत पर भी बम गिरा, जिसमें सीमेंट फैक्ट्री के कर्मचारी रहते थे। हूती मीडिया के मुताबिक, इस आवासीय मकान पर हुए हमले में छह महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

क्या है संघर्ष की पृष्ठभूमि?

यमन और सऊदी अरब के बीच यह संघर्ष 2014 में शुरू हुए गृहयुद्ध की देन है। हूती विद्रोहियों ने जब सना पर कब्जा जमा लिया, तो इसके ठीक एक साल बाद 2015 में सऊदी अरब ने कई क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर हूतियों के खिलाफ सैन्य हस्तक्षेप शुरू किया।

सऊदी गठबंधन का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार को दोबारा सत्ता में बहाल करना था। हालांकि, वर्षों चली बमबारी और सैन्य अभियानों के बावजूद हूती विद्रोहियों को पूरी तरह खदेड़ा नहीं जा सका। आज भी यमन के एक बड़े भू-भाग पर हूतियों का नियंत्रण है और उनका यह संघर्ष अब सीधे तौर पर सऊदी अरब की आंतरिक सुरक्षा के लिए चुनौती बन गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सऊदी अरब पर हालिया हमला किसने किया?

यमन के हूती विद्रोहियों ने शनिवार को सऊदी अरब के तेल ठिकानों और एयरपोर्ट्स पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए।

हूती हमलों के निशाने पर कौन से प्रमुख ठिकाने थे?

हूती प्रवक्ता याह्या सरी के मुताबिक, हमलों के निशाने पर अरामको का यानबू ठिकाना, राबिग तेल रिफाइनरी के साथ रियाद, दम्माम और नजरान के एयरपोर्ट थे।

यमन की सरकारी सेना ने क्या दावा किया है?

यमन की सरकारी सेना ने दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटों में 700 से ज्यादा हमले किए हैं, जिनमें 300 से अधिक हूती लड़ाके मारे गए हैं।

सना में हुए हवाई हमलों में किसका नुकसान हुआ?

हूती मीडिया के अनुसार, सना में एक रिहायशी इमारत पर हुए हमले में छह महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हुए।