हिंदी सिनेमा में अपनी संजीदा अदाकारी और आंखों के जरिए जज़्बात बयां करने के लिए पहचानी जाने वाली अभिनेत्री तब्बू अपना 55वां जन्मदिन मना रही हैं। करीब चार दशक लंबे करियर में उन्होंने कई प्रतिष्ठित सम्मान और दर्शकों का अपार प्यार हासिल किया है, लेकिन उनकी निजी जिंदगी तमाम उतार-चढ़ाव और कानूनी लड़ाइयों से भरी रही है।
बचपन के बिखराव से लेकर सह-कलाकारों के साथ रिश्तों की चर्चा और काले हिरण शिकार मामले तक, तब्बू के जीवन के पांच सबसे अहम और चर्चित पहलू रहे हैं।
बचपन में माता-पिता का अलग होना और पिता से दूरी
तब्बू का जन्म 4 नवंबर 1971 को हैदराबाद में हुआ था। वह महज तीन साल की थीं जब उनके माता-पिता जमाल हाशमी और रिजवाना का तलाक हो गया। इसके बाद पिता से उनका कोई खास संपर्क नहीं रहा। उनकी परवरिश मुख्य रूप से उनकी मां और नाना-नानी के घर हुई।
सिमी ग्रेवाल के चैट शो में इस पर खुलकर बात करते हुए तब्बू ने बताया था कि उन्होंने कभी अपने पिता को नहीं देखा और न ही कभी उनसे मिलने की कोई इच्छा हुई। उन्होंने स्कूल के समय से ही 'फातिमा' सरनेम अपनाया था और वह इसी पहचान के साथ बड़ी हुईं। परिवार के बिखराव के बावजूद उन्होंने अपनी मां और नानी के साथ बीते बचपन को सुकून भरा बताया।
संजय कपूर के साथ पहली फिल्म के दौरान शुरू हुआ रिश्ता
तब्बू के शुरुआती फिल्मी सफर के दौरान अभिनेता संजय कपूर के साथ उनके रिश्ते की खूब चर्चा रही। दोनों की मुलाकात फिल्म 'प्रेम' के सेट पर हुई थी, जो 1995 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म को बनने में करीब छह साल का लंबा समय लगा था।
एक पुराने इंटरव्यू में संजय कपूर ने खुद इस रिश्ते की पुष्टि की थी। उन्होंने बताया था कि फिल्म की शूटिंग के शुरुआती दौर में वे तब्बू को डेट कर रहे थे, लेकिन फिल्म पूरी होने तक दोनों के बीच बातचीत बंद हो गई थी। हालांकि, रिश्ता टूटने की वजहों पर दोनों ने कभी खुलकर बात नहीं की।
साजिद नाडियाडवाला से रिश्ते की चर्चा, जो दोस्ती में बदला
संजय कपूर के बाद तब्बू का नाम फिल्म निर्माता साजिद नाडियाडवाला के साथ जुड़ा। नब्बे के दशक के उत्तरार्ध में दोनों के रिश्ते को लेकर गलियारों में काफी चर्चा थी। 1997 में दिए एक साक्षात्कार में तब्बू ने स्वीकार किया था कि वे साजिद को डेट कर रही हैं, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया था कि फिलहाल शादी उनकी प्राथमिकता नहीं है।
यह रिश्ता आगे चलकर शादी तक नहीं पहुंच पाया, लेकिन दोनों के बीच का आत्मीय रिश्ता दोस्ती में तब्दील हो गया। बाद में साजिद नाडियाडवाला ने एक इंटरव्यू में बताया था कि तब्बू को पद्मश्री मिलने के बाद भी दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई थी और वे आज भी अच्छे दोस्त हैं।
नागार्जुन के साथ करीब एक दशक लंबा जुड़ाव
तब्बू का सबसे चर्चित और लंबा रिश्ता साउथ के सुपरस्टार नागार्जुन के साथ जोड़ा जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों करीब दस साल तक एक-दूसरे के करीब रहे। नागार्जुन पहले से शादीशुदा थे, जिस वजह से इस रिश्ते को लेकर लगातार अटकलें लगती रहीं।
साल 2007 में करण जौहर के चैट शो 'कॉफी विद करण' में तब्बू ने इस रिश्ते पर खुलकर बात की थी। उन्होंने नागार्जुन को अपनी जिंदगी के सबसे करीबी लोगों में से एक बताया था, लेकिन साथ ही यह भी कहा था कि वह इस रिश्ते को कोई नाम नहीं देना चाहतीं। बाद में नागार्जुन ने भी एक इंटरव्यू में तब्बू को अपनी बेहद पुरानी और खास दोस्त बताया था।
काले हिरण शिकार मामले में दो दशक लंबी कानूनी लड़ाई
तब्बू के करियर और निजी जीवन का सबसे तनावपूर्ण दौर 1998 में शुरू हुआ। फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग के दौरान जोधपुर में काले हिरण के शिकार का मामला सामने आया, जिसमें सलमान खान के साथ तब्बू, सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे और नीलम को भी सह-आरोपी बनाया गया।
इस मामले में उन्हें लंबी कानूनी प्रक्रिया और अदालती चक्करों का सामना करना पड़ा। 5 अप्रैल 2018 को जोधपुर की अदालत ने सलमान खान को दोषी करार दिया, जबकि तब्बू और अन्य कलाकारों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। हालांकि, मई 2025 में राजस्थान सरकार ने इस बरी किए जाने के फैसले को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिससे यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया।
