अगर आप घर या प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो बारिश का मौसम खरीदारी के लिहाज से अच्छा समय साबित हो सकता है, क्योंकि इस दौरान मकान और उसके आसपास की असली स्थिति आसानी से सामने आ जाती है। बरसात में घर की छत और दीवारों पर सीलन, बाथरूम में नमी, पानी के रिसाव और निर्माण की गुणवत्ता की जांच की जा सकती है। अगर किसी मकान में लगातार नमी या पानी भरने की समस्या दिखाई दे तो खरीदने से पहले सावधानी बरतना बेहतर होगा। इसके अलावा बारिश के दौरान कॉलोनी और आसपास की सड़कों पर जलभराव, ट्रैफिक, बिजली कटौती और पानी की निकासी की व्यवस्था का भी पता चल जाता है। खासतौर पर आउटर इलाकों में प्रॉपर्टी खरीदते समय यह देखना जरूरी है कि बारिश के दिनों में वहां पहुंचने का रास्ता कितना सुविधाजनक है और बिजली जाने पर जनरेटर जैसी वैकल्पिक व्यवस्था मौजूद है या नहीं। वहीं होम लोन की ब्याज दरों में हुई कटौती भी खरीदारों के लिए राहत की वजह बन सकती है। पिछले साल RBI की रेपो रेट में कई बार कटौती के बाद कई बैंकों ने होम लोन की ब्याज दरें कम की हैं। बैंक ऑफ इंडिया की होम लोन दर 7.10% और SBI की 7.25% सालाना बताई गई है। ऐसे में बारिश में प्रॉपर्टी की मजबूती और आसपास की सुविधाओं की सही जांच करने के साथ मौजूदा कम ब्याज दरों का फायदा उठाकर घर खरीदने का फैसला किया जा सकता है।