Sunday, 27 September 2026
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भजनलाल शर्मा का कांग्रेस पर पलटवार: संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना बंद करे, हार के बाद तथ्यहीन राजनीति छोड़ें

संक्षेप में

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर तथ्यहीन सवाल उठाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एसआईआर से जुड़े सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं और सुप्रीम कोर्ट इसे वैध ठहरा चुका है.

मुख्य बातें

  • मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 27 सितंबर 2026 को कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया।
  • निर्वाचन आयोग ने 26 सितंबर को स्पष्ट किया कि एसआईआर और अन्य निर्णय तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए।
  • सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 को एसआईआर प्रक्रिया को कानूनी रूप से वैध ठहराया था।
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भजनलाल शर्मा का कांग्रेस पर पलटवार: संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना बंद करे, हार के बाद तथ्यहीन राजनीति छोड़ें

जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि पार्टी चुनावी हार को छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को कमजोर करने में जुटी है। मुख्यमंत्री ने 27 सितंबर 2026 को जारी बयान में कहा कि यदि कांग्रेस के पास किसी आरोप के समर्थन में ठोस तथ्य और प्रमाण हैं, तो उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए, अन्यथा चुनाव आयोग और न्यायपालिका पर सवाल उठाने से बचना चाहिए।

चुनाव आयोग के फैसलों और एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल

मुख्यमंत्री ने निर्वाचन आयोग के 26 सितंबर को जारी संयुक्त बयान का हवाला देते हुए कहा कि एसआईआर सहित सभी प्रमुख निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि 24 जून 2025 के मूल आदेश और विभिन्न राज्यों के लिए तय समय-सारणी पर भी आयोग पूरी तरह एकमत रहा है।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से सवाल किया कि 27 मई 2026 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एसआईआर प्रक्रिया को कानूनी रूप से वैध ठहराए जाने के बावजूद इस पर लगातार संशय क्यों पैदा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना निर्वाचन आयोग का आधिकारिक पक्ष जाने सिर्फ मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता को कटघरे में खड़ा करना अनुचित है।

मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण और बीएलओ अभियान का जिक्र

मतदाता सूचियों की पारदर्शिता पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा पात्र मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं। बीएलओ द्वारा रैन बसेरों, मजदूरों और बेघर लोगों तक पहुंचकर घर-घर फॉर्म एकत्र किए जा रहे हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि एसआईआर से जुड़े फॉर्म पहले ही सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष रखे जा चुके हैं, जबकि गैर-एसआईआर अवधि में तय नियमों के अनुसार ही प्रक्रिया चल रही है। यदि कांग्रेस नियमों में किसी बदलाव का दावा कर रही है, तो उसे संबंधित आधिकारिक दस्तावेज जनता के सामने रखने चाहिए।

राहुल गांधी के बयानों और संस्थाओं की गरिमा पर सवाल

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी का इतिहास संवैधानिक संस्थाओं और सेना के शौर्य तक पर सवाल उठाने का रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी को यह बताना चाहिए कि एसआईआर में कथित मतभेद और कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र को जोड़ने का उनके पास क्या आधार है।

राजनीतिक असहमति को लोकतंत्र का हिस्सा बताते हुए उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं और न्यायालयों पर बयान देते समय राजनीतिक दलों को तथ्यों और जिम्मेदारी का ध्यान रखना चाहिए। हार की समीक्षा करने के बजाय हर बार संस्थाओं पर आरोप लगाना कांग्रेस की पुरानी आदत बन चुकी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर क्या मुख्य आरोप लगाए हैं?

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर चुनावी हार को छिपाने और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को कमजोर करने के लिए तथ्यहीन राजनीति करने का आरोप लगाया है।

निर्वाचन आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर क्या स्पष्ट किया है?

निर्वाचन आयोग ने 26 सितंबर के अपने संयुक्त बयान में स्पष्ट किया है कि एसआईआर सहित सभी प्रमुख निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर प्रक्रिया पर क्या निर्णय दिया था?

सर्वोच्च न्यायालय ने 27 मई 2026 को एसआईआर प्रक्रिया को कानूनी रूप से वैध ठहराया था।

मतदाता सूची में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं और बीएलओ घर-घर जाकर, विशेषकर रैन बसेरों और मजदूरों के बीच फॉर्म एकत्र कर रहे हैं।