प्रदेश में निकाय चुनावों की आचार संहिता लागू होने से पहले भजनलाल सरकार ने राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के लाभार्थियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने कैंसर के अत्याधुनिक उपचार 'CAR-T Cell Therapy' को RGHS के अनुमत पैकेज में शामिल कर लिया है। इस फैसले से गंभीर रक्त कैंसर से जूझ रहे पात्र सरकारी कर्मचारियों, उनके आश्रित परिवारजनों और पेंशनर्स को महंगे उपचार का लाभ मिल सकेगा।

सरकार ने इस थेरेपी के लिए अधिकतम 30 लाख रुपए का पैकेज स्वीकृत किया है। इसमें CAR-T सेल के निर्माण पर 26 लाख रुपए तक और सपोर्टिव केयर तथा उपचार के दौरान होने वाली संभावित जटिलताओं के प्रबंधन के लिए 4 लाख रुपए तक की राशि शामिल होगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया के जरिए इस निर्णय की जानकारी साझा की।

विशेषज्ञ तय करेंगे मरीज की पात्रता

यह अत्याधुनिक उपचार हर मरीज के लिए स्वतः उपलब्ध नहीं होगा। मरीज की बीमारी, पहले किए जा चुके उपचार और मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर ही इसकी पात्रता तय की जाएगी। इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सक या विशेषज्ञ समिति की सिफारिश होना अनिवार्य है। साथ ही, उपचार शुरू करने से पहले पूर्व-अनुमोदन भी लेना होगा।

यह उपचार केवल अधिकृत चिकित्सा केंद्रों पर ही उपलब्ध कराया जाएगा। इन केंद्रों पर इलाज के दौरान मरीज की गंभीर स्थिति से निपटने के लिए आईसीयू (ICU) बैकअप की सुविधा होना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।

ऑनलाइन हुई मेडिकल बोर्ड की प्रक्रिया

कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली महंगी दवाओं के लिए मेडिकल बोर्ड की स्वीकृति प्रक्रिया को सरकार ने ऑनलाइन कर दिया है। इस बदलाव से मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी।

अब मेडिकल बोर्ड की मंजूरी के लिए मरीजों को जयपुर आने की जरूरत नहीं होगी। अधिकृत अस्पताल अपने पोर्टल के माध्यम से मरीज का प्रकरण सीधे मेडिकल बोर्ड को भेज सकेंगे। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए बोर्ड की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिससे मंजूरी मिलने में लगने वाला समय कम होगा और अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी।

अंतरराष्ट्रीय गाइडलाइंस को दी गई प्राथमिकता

RGHS के तहत कैंसर उपचार के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य मानकों को प्राथमिकता दी जा रही है। उपचार संबंधी निर्णयों में 'NICE' और 'UK' की गाइडलाइन को भी आधार बनाया जाएगा। इस व्यवस्था के लागू होने से गंभीर रक्त कैंसर से पीड़ित मरीजों को न सिर्फ अत्याधुनिक इलाज मिल सकेगा, बल्कि महंगे इलाज का भारी आर्थिक बोझ भी कम होगा।