Sunday, 4 October 2026
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भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला: RGHS में शामिल हुई CAR-T सेल थेरेपी, कैंसर मरीजों को मिलेगा 30 लाख तक का पैकेज

संक्षेप में

राजस्थान सरकार ने RGHS के तहत गंभीर रक्त कैंसर के इलाज के लिए CAR-T Cell Therapy को शामिल करते हुए 30 लाख रुपए तक का पैकेज स्वीकृत किया है। मेडिकल बोर्ड की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन कर दिया गया है।

मुख्य बातें

  • CAR-T Cell Therapy को RGHS के अनुमत पैकेज में शामिल किया गया।
  • अधिकतम 30 लाख रुपए का वित्तीय पैकेज स्वीकृत, जिसमें 26 लाख सेल निर्माण और 4 लाख जटिलता प्रबंधन के लिए हैं।
  • मेडिकल बोर्ड की स्वीकृति प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया, वीडियो कॉल से होगी प्रक्रिया।
  • उपचार केवल अधिकृत चिकित्सा केंद्रों पर ICU बैकअप के साथ ही उपलब्ध होगा।
जयपुर संभाग
भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला: RGHS में शामिल हुई CAR-T सेल थेरेपी, कैंसर मरीजों को मिलेगा 30 लाख तक का पैकेज

प्रदेश में निकाय चुनावों की आचार संहिता लागू होने से पहले भजनलाल सरकार ने राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के लाभार्थियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने कैंसर के अत्याधुनिक उपचार 'CAR-T Cell Therapy' को RGHS के अनुमत पैकेज में शामिल कर लिया है। इस फैसले से गंभीर रक्त कैंसर से जूझ रहे पात्र सरकारी कर्मचारियों, उनके आश्रित परिवारजनों और पेंशनर्स को महंगे उपचार का लाभ मिल सकेगा।

सरकार ने इस थेरेपी के लिए अधिकतम 30 लाख रुपए का पैकेज स्वीकृत किया है। इसमें CAR-T सेल के निर्माण पर 26 लाख रुपए तक और सपोर्टिव केयर तथा उपचार के दौरान होने वाली संभावित जटिलताओं के प्रबंधन के लिए 4 लाख रुपए तक की राशि शामिल होगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया के जरिए इस निर्णय की जानकारी साझा की।

विशेषज्ञ तय करेंगे मरीज की पात्रता

यह अत्याधुनिक उपचार हर मरीज के लिए स्वतः उपलब्ध नहीं होगा। मरीज की बीमारी, पहले किए जा चुके उपचार और मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर ही इसकी पात्रता तय की जाएगी। इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सक या विशेषज्ञ समिति की सिफारिश होना अनिवार्य है। साथ ही, उपचार शुरू करने से पहले पूर्व-अनुमोदन भी लेना होगा।

यह उपचार केवल अधिकृत चिकित्सा केंद्रों पर ही उपलब्ध कराया जाएगा। इन केंद्रों पर इलाज के दौरान मरीज की गंभीर स्थिति से निपटने के लिए आईसीयू (ICU) बैकअप की सुविधा होना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।

ऑनलाइन हुई मेडिकल बोर्ड की प्रक्रिया

कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली महंगी दवाओं के लिए मेडिकल बोर्ड की स्वीकृति प्रक्रिया को सरकार ने ऑनलाइन कर दिया है। इस बदलाव से मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी।

अब मेडिकल बोर्ड की मंजूरी के लिए मरीजों को जयपुर आने की जरूरत नहीं होगी। अधिकृत अस्पताल अपने पोर्टल के माध्यम से मरीज का प्रकरण सीधे मेडिकल बोर्ड को भेज सकेंगे। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए बोर्ड की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिससे मंजूरी मिलने में लगने वाला समय कम होगा और अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी।

अंतरराष्ट्रीय गाइडलाइंस को दी गई प्राथमिकता

RGHS के तहत कैंसर उपचार के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य मानकों को प्राथमिकता दी जा रही है। उपचार संबंधी निर्णयों में 'NICE' और 'UK' की गाइडलाइन को भी आधार बनाया जाएगा। इस व्यवस्था के लागू होने से गंभीर रक्त कैंसर से पीड़ित मरीजों को न सिर्फ अत्याधुनिक इलाज मिल सकेगा, बल्कि महंगे इलाज का भारी आर्थिक बोझ भी कम होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

RGHS के तहत CAR-T Cell Therapy के लिए कितना वित्तीय पैकेज तय किया गया है?

सरकार ने CAR-T Cell Therapy के लिए अधिकतम 30 लाख रुपए का पैकेज स्वीकृत किया है। इसमें सेल निर्माण पर 26 लाख रुपए और सपोर्टिव केयर व जटिलताओं के प्रबंधन के लिए 4 लाख रुपए शामिल हैं।

CAR-T Cell Therapy का लाभ किन लोगों को मिलेगा?

यह लाभ राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के पात्र सरकारी कर्मचारियों, उनके आश्रित परिवारजनों और पेंशनर्स को मिलेगा जो गंभीर रक्त कैंसर से जूझ रहे हैं।

क्या इस थेरेपी का लाभ सीधे लिया जा सकता है?

नहीं, यह हर मरीज के लिए स्वतः उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञ चिकित्सक या समिति मरीज की स्थिति के आधार पर पात्रता तय करेगी और इलाज शुरू करने से पहले पूर्व-अनुमोदन अनिवार्य होगा।

मेडिकल बोर्ड की स्वीकृति प्रक्रिया में क्या बदलाव किया गया है?

कैंसर की महंगी दवाओं के लिए मेडिकल बोर्ड की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है। अब अधिकृत अस्पताल पोर्टल के जरिए प्रकरण भेज सकेंगे और वीडियो कॉल से मंजूरी मिलने के कारण मरीजों को जयपुर आने की आवश्यकता नहीं होगी।