राजस्थान सरकार ने प्रदेश के औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले लाखों श्रमिकों और कर्मचारियों के लिए ‘मजदूरी संहिता नियम, 2026’ और ‘राजस्थान औद्योगिक संबंध नियम, 2026’ को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए इस फैसले को श्रमिकों के वेतन, महंगाई भत्ते और अधिकारों से जुड़ा बड़ा बदलाव माना जा रहा है। नई मजदूरी संहिता के तहत न्यूनतम मजदूरी तय करने के लिए वैज्ञानिक फॉर्मूला और कौशल आधारित वर्गीकरण अपनाया जाएगा, जिससे अलग-अलग श्रेणी के श्रमिकों के लिए मजदूरी तय करने की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी। सबसे महत्वपूर्ण प्रावधानों में महंगाई भत्ते यानी DA को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक  से सीधे जोड़ना शामिल है। इसके तहत न्यूनतम मजदूरी और महंगाई भत्ते में साल में दो बार—1 अप्रैल और 1 अक्टूबर को अनिवार्य रूप से संशोधन किया जाएगा। इससे महंगाई बढ़ने पर श्रमिकों की वास्तविक आय को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। संसदीय कार्य एवं उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि नई व्यवस्था का उद्देश्य श्रमिकों को महंगाई के अनुरूप राहत देना, उनके श्रम का उचित मूल्य सुनिश्चित करना और औद्योगिक संबंधों को बेहतर बनाना है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी फैसले को श्रमिकों के कल्याण और उनके अधिकारों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। सरकार का कहना है कि नए नियमों से प्रदेश के श्रमिकों को अधिक पारदर्शी और नियमित वेतन व्यवस्था का लाभ मिलेगा।