बरसात के मौसम में पानी जमा होते ही मच्छरों का आतंक बढ़ जाता है। ज़रा सी लापरवाही से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियां घर तक पहुंच जाती हैं। बाजार में मिलने वाले केमिकल स्प्रे और लिक्विड के इस्तेमाल से बचने के लिए कई प्राकृतिक उपाय बेहद असरदार साबित हो सकते हैं।

मच्छर से होने वाली प्रमुख बीमारियां और उनके खतरे

मच्छर सिर्फ नींद में खलल नहीं डालते, बल्कि कई जानलेवा वायरस भी फैलाते हैं।

  • मलेरिया: मादा एनोफिलीज मच्छर से फैलने वाली इस बीमारी में बुखार, सिरदर्द और कंपकंपी जैसे लक्षण काटने के 10 से 15 दिन बाद शुरू होते हैं। दुनिया भर में हर साल लगभग 247 मिलियन से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आते हैं।
  • डेंगूस: 'हड्डी तोड़ बुखार' के नाम से पहचाने जाने वाले इस वायरल इन्फेक्शन से हर साल लगभग 390 मिलियन लोग संक्रमित होते हैं। इसमें तेज सिरदर्द, जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना और उल्टी जैसी समस्याएं होती हैं।
  • जिका और पीत ज्वर: जिका वायरस से मांसपेशियों में दर्द और आंखों में इन्फेक्शन हो सकता है, जो गर्भवती महिलाओं के लिए अधिक खतरनाक है। वहीं, एडीस और हीमोगोगस प्रजाति के मच्छरों से होने वाले पीत ज्वर में पीलिया के लक्षण दिखाई देते हैं।
  • चिकनगुनिया: एडीस एजिप्टी मच्छरों से फैलने वाले इस वायरस के लक्षण संक्रमण के 4 से 7 दिन बाद उभरते हैं।

मच्छरों को भगाने के असरदार घरेलू नुस्खे

केमिकल उत्पादों के बिना घर की चीजों से ही मच्छरों को दूर रखा जा सकता है।

  • नीम का तेल और कपूर: नीम की तेज गंध मच्छरों को बर्दाश्त नहीं होती। नीम के तेल में थोड़ा सा कपूर मिलाकर दीया जलाने या कमरे में छिड़काव करने से मच्छर तुरंत भाग जाते हैं।
  • लहसुन का स्प्रे: लहसुन की कुछ कलियों को पानी में उबालकर तैयार किए गए घोल को स्प्रे बोतल में भरकर खिड़कियों और कमरों के कोनों में छिड़कने से मच्छर आसपास नहीं भटकते।
  • नींबू और लौंग: एक नींबू को बीच से काटकर उसमें लौंग गाड़कर कमरे के कोने में रखने से इसकी मिली-जुली खुशबू मच्छरों को कोसों दूर रखती है।

बचाव के जरूरी उपाय

घरों के आसपास गमलों या कुलियों में पानी जमा न होने दें, क्योंकि रुका हुआ पानी मच्छरों का प्रजनन स्थल होता है। शाम के समय खिड़की और दरवाजे बंद रखें, सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें और शरीर को पूरी तरह ढकने वाले फुल बाजू के कपड़े पहनें।