अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में बहुत जल्द जीत हासिल कर लेगा। फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में ट्रम्प ने कहा कि युद्ध समाप्त होते ही वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट आएगी। उन्होंने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना वाशिंगटन की प्राथमिक प्राथमिकता है।
जब ट्रम्प से यह सवाल किया गया कि क्या अमेरिकी सैन्य हमले अमेरिकी मध्यावधि (मिडटर्म) चुनावों से पहले दोबारा शुरू हो सकते हैं, तो उन्होंने इस संभावना को सिरे से खारिज नहीं किया। ट्रम्प ने कहा, “यह संभव है, लेकिन मैं इस बारे में अभी कुछ नहीं कहना चाहता।” उन्होंने यह भी दावा किया कि सैन्य मोर्चे पर अमेरिका पहले ही जीत दर्ज कर चुका है, हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि मौजूदा कार्रवाई पूरी तरह रोक दी गई है।
आर्थिक प्रतिबंधों और मुद्रा पर प्रहार
ईरान की अर्थव्यवस्था को लेकर ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से ईरानी मुद्रा की कीमत में भारी गिरावट आई है और देश में महंगाई बेकाबू हो गई है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा समय में ईरान की महंगाई दर करीब 300% तक पहुंच चुकी है। अमेरिका ईरान पर सैन्य दबाव के साथ-साथ कड़े आर्थिक प्रतिबंधों के जरिए भी लगातार शिकंजा कस रहा है।
दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि उनका देश किसी भी नए सैन्य संघर्ष का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार है। एनबीसी न्यूज के कार्यक्रम ‘मीट द प्रेस’ में अराघची ने कहा कि तेहरान हर हाल में अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगा, भले ही हालात विनाशकारी युद्ध में क्यों न बदल जाएं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान कूटनीतिक बातचीत का रास्ता खुला रखना चाहता है और शांति का कोई मौका नहीं गंवाना चाहता।
सात दिन का शांति प्रस्ताव और होर्मुज स्ट्रेट विवाद
संघर्ष को थामने के लिए ईरान ने अमेरिका के सामने सात दिन का एक प्रस्ताव रखा था, जिसे वाशिंगटन ने खारिज कर दिया। इस प्रस्ताव में सामरिक रूप से बेहद अहम होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर नए सिरे से बातचीत शुरू करने की पेशकश की गई थी।
अराघची के मुताबिक, ईरान इस समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए तैयार था। इसके बदले में उसकी मांग थी कि विदेशों में सीज किए गए ईरानी फंड और संपत्तियों पर से रोक हटाई जाए तथा उसे स्वतंत्र रूप से तेल बेचने की अनुमति दी जाए। उन्होंने बताया कि ये मांगें पिछले साल जून में हुए अस्थायी सीजफायर समझौते (MoU) के अनुरूप थीं, जो बाद में दोनों पक्षों की तरफ से हुए हमलों के चलते टूट गया था।
चुनाव के बाद बमबारी की आशंका
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपने देश के मिडटर्म चुनावों के तुरंत बाद ईरान पर दोबारा हवाई हमले शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि ट्रम्प ने अपने करीबी सहयोगियों के साथ इस विकल्प पर चर्चा की है।
अल जजीरा के पत्रकार माइक हाना के अनुसार, ट्रम्प प्रशासन के बयानों में लगातार विरोधाभास नजर आ रहा है। एक तरफ ट्रम्प कभी अच्छी बातचीत की उम्मीद जताते हैं, तो दूसरी तरफ ईरान को गंभीर परिणामों की चेतावनी देते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका फिलहाल इस कूटनीतिक और सैन्य गतिरोध को बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रहा है, जिससे एक लंबी और जटिल जंग की आशंका बनी हुई है।
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