खाटूश्यामजी में भक्तों की आस्था का अनोखा नजारा देखने को मिला, जहां तेज बारिश और जलभराव के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। रींगस-खाटूश्यामजी मार्ग पर सुबह से हो रही झमाझम बारिश के बीच बड़ी संख्या में भक्त बाबा श्याम के दर्शन के लिए आगे बढ़ते रहे। महाराष्ट्र से आई 840 महिलाओं की टोली रींगस से खाटू धाम तक पदयात्रा कर रही है। बारिश, भीगे कपड़ों और कीचड़ भरे रास्तों के बावजूद महिलाएं बाबा श्याम के जयकारे लगाते हुए लगातार यात्रा करती रहीं। इसी दौरान बारां निवासी वीरेन्द्र प्रजापति अपनी मन्नत पूरी होने पर दंडवती करते हुए बाबा के दरबार की ओर रवाना हुए। वीरेन्द्र ने बताया कि करीब एक साल पहले उन्होंने बाबा श्याम से बेटे की मनोकामना मांगी थी, जो पूरी होने के बाद वह रींगस से खाटू धाम तक पेट के बल यात्रा कर रहे हैं। भारी बारिश और सड़क पर भरे पानी के बीच भी उनकी श्रद्धा कम नहीं हुई और वे जयकारों के साथ आगे बढ़ते रहे। वहीं, रींगस-खाटूश्यामजी मार्ग पर कई जगह जलभराव होने से यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों ने प्रशासन से जल्द जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है। बारिश के बावजूद भक्तों की आस्था और उत्साह देखने लायक रहा और पूरा मार्ग ‘जय श्री श्याम’ के जयकारों से गूंजता रहा।
बारिश और पानी के बीच खाटूश्यामजी के भक्तों की अटूट आस्था
संक्षेप में
खाटूश्यामजी में भक्तों की आस्था का अनोखा नजारा देखने को मिला, जहां तेज बारिश और जलभराव के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। रींगस-खाटूश्यामजी मार्ग पर सुबह से हो रही झमाझम बारिश के बीच बड़ी संख्या में भक्त बाबा श्याम के दर्शन के लिए आगे बढ़ते रहे। महाराष्ट्र से आई 840 महिलाओं की टोली रींगस से खाटू धाम तक पदयात्रा कर रही है।
मुख्य बातें
- महाराष्ट्र से 840 महिलाओं का जत्था रींगस से खाटूश्यामजी तक पदयात्रा कर रहा है।
- बारां के वीरेन्द्र प्रजापति मन्नत पूरी होने पर दंडवती करते हुए खाटू धाम पहुंच रहे हैं।
- भारी बारिश और जलभराव के बावजूद भक्तों की आस्था और उत्साह कम नहीं हुआ।
आपणो राजस्थान

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
खाटूश्यामजी तक पदयात्रा कौन कर रहा है?
महाराष्ट्र की 840 महिलाओं का जत्था।
वीरेन्द्र प्रजापति किस वजह से दंडवती यात्रा कर रहे हैं?
मन्नत पूरी होने पर बाबा श्याम के दरबार में पहुंचने के लिए।