इंदौर क्राइम ब्रांच ने शेयर ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी बैंक खाते खुलवाकर उनकी बैंकिंग किट, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और सिम कार्ड साइबर ठगों तक पहुंचाते थे। पुलिस के मुताबिक इन खातों के जरिए देशभर में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन किए गए अब गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी हैपूरे मामले की शुरुआत परदेशीपुरा थाने में दर्ज एक साइबर ठगी की शिकायत से हुई थी, जिसकी जांच क्राइम ब्रांच कर रही थी। जांच के दौरान पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी जय सूर्यवंशी और जतिन हरियाले से पूछताछ, तकनीकी विश्लेषण और बैंक खातों की जांच में गिरोह के अन्य सदस्यों के नाम सामने आए इसी आधार पर क्राइम ब्रांच ने आकाश विश्वकर्मा, प्रवीण पाल और आशीष पुरी को गिरफ्तार किया पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे साइबर अपराधियों के संपर्क में थे और आम लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनकी बैंकिंग किट गिरोह के सरगनाओं तक पहुंचाते थेपुलिस जांच में सामने आया है कि इन फर्जी खातों का इस्तेमाल शेयर ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों से ठगी गई रकम को जमा करने और अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। जांच में यह भी पता चला है कि इन खातों का उपयोग देश के कई राज्यों में दर्ज साइबर फ्रॉड के मामलों में किया गया है फिलहाल क्राइम ब्रांच गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस अंतर राज्यीय साइबर गिरोह के मास्टरमाइंड समेत अन्य सहयोगियों की तलाश तेज कर दी गई है
करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का किया पर्दाफाश
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