मध्य प्रदेश के सागर जिले की गढ़ाकोटा तहसील में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर राजनीतिक और सामाजिक सौहार्द की अनूठी तस्वीर सामने आई। इस आयोजन में विभिन्न राजनीतिक दलों के दिग्गज एक मंच पर नजर आए, जिससे नगर में सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश गया।
टेडिया मंदिर से निकली विशाल रैली
कार्यक्रम की शुरुआत गढ़ाकोटा के टेडिया मंदिर परिसर से हुई। यहाँ से सरदार पटेल के सम्मान और राष्ट्रीय एकता के संदेश के साथ एक भव्य रैली निकाली गई। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और देशभक्ति के नारों के बीच यह रैली नगर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरी। मार्ग में जगह-जगह स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर रैली का स्वागत किया। इसमें युवाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
एक मंच पर आए भाजपा और कांग्रेस के नेता
नगर भ्रमण के बाद यह रैली सरदार वल्लभभाई पटेल स्टेडियम पहुँची। मुख्य समारोह में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, रहली विधानसभा क्षेत्र के विधायक गोपाल भार्गव और कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी जीवन पटेल एक साथ नजर आए। इनके साथ दमोह जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि गौरव पटेल और क्षत्रिय कुर्मी समाज सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से परे जाकर इन नेताओं का एक मंच पर आना और लौह पुरुष की प्रतिमा पर एक साथ माल्यार्पण करना इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा।
अखंड भारत में योगदान को किया याद
मंच से वक्ताओं ने देश की आजादी के बाद रियासतों के एकीकरण में सरदार पटेल की ऐतिहासिक भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा कि लौह पुरुष ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और कुशल कूटनीति के बल पर बिखरे हुए राज्यों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत का निर्माण किया था। आज के दौर में उनके विचार और अनुशासन युवाओं के लिए प्रासंगिक हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी ने सरदार पटेल के बताए मार्ग पर चलने और आपसी मतभेद भुलाकर राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प लिया।
