राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र में पहली झमाझम बारिश से सभी नदी नाले उफान पर चल रहे हैं।इसी का असर अंता के नागदा में देखने को मिला। कालीसिंध नदी में पानी की आवक बढ़ने से किसानों के आवागमन के लिए बन रही निर्माणाधीन पुलिया के पिल्लर पूरे जलमग्न हो गए।हालांकि निर्माणाधीन पुलिया के पिल्लर जलमग्न से पहले की तस्वीर भी सामने आई है,जो वर्तमान में पूरे ही डूबे हुए हैं।बताया जा रहा है कि पहली तेज बारिश में पिल्लर पूरे जलमग्न हो गए,ऐसे में जब पुलिया का निर्माण पूर्ण हो जाएगा तब इस पुलिया का क्या हस्न होगा।किसान व जिला कांग्रेस कमेटी महासचिव राजेन्द्र सिंह नागदा ने जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व में यहां किसानों के लिए नदी के दूसरी तरफ जाने के लिए अस्थाई छोटी पुलिया बनी हुई थी।लेकिन नौनेरा बांध में जलभराव के कारण वो पुलिया जलमग्न हो गई।ऐसे में किसानों के आवागमन के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा करोड़ों रुपए की लागत से 4 मीटर चौड़ी और 100 मीटर लंबी नई पुलिया का निर्माण कराया जा रहा है।वही नोनेरा बांध का वाटर लेवल 217 मीटर हे तथा निर्माणाधीन पुल की समुद्र तट से ऊंचाई 222 हे,जिसे करीबन 227 मीटर होनी चाहिए।निर्माणाधीन पुलिया के पिल्लर करीबन बनकर तैयार हैं,जिसकी पहली ही बारिश ने पोल खोल दी है,जिला कांग्रेस महासचिव राजेन्द्र सिंह ने यह भी बताया कि पहली तेज बारिश से पुलिया के पिल्लर पूरे डूब गए,पिल्लरों से करीबन 3,4 फिट ऊपर पानी बह रहा है।जब पुलिया बन जाएगी तब तेज बारिश के सीजन में इस पुल के डूबने की पूर्ण संभावना है।उन्होंने प्रशासन और जल संसाधन विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग कि पुलिया की करीब 3 से 5 मीटर और ऊंचाई बढ़ाई जाए।जिससे पुलिया भी जलमग्न नहीं होगी और किसानों के खेती कार्य भी बाधित नहीं होंगे।