राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसद काले कपड़ों में संसद पहुंचे, छात्रों के मुद्दे पर जोरदार हंगामा किया।
संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और NEET पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के कई सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और विरोध दर्ज कराया। वही विपक्षी सांसदों ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए सदन में इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की। हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के महज एक मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई, जबकि राज्यसभा की कार्यवाही भी लगातार शोर-शराबे के चलते स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष का आरोप है कि सरकार छात्रों के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है, जबकि सरकार के अनुसार वह इस विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे छात्रों के मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने छात्रों की मांगों को पूरी तरह जायज बताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है और सरकार को उनकी आवाज सुननी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार पर शिक्षा क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर शिक्षा के लिए सीमित बजट रखा गया है, जबकि बड़े उद्योगपतियों के लाखों करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए जा रहे हैं। इस बीच राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के कक्ष में विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स की बैठक भी हुई, जिसमें संसद के भीतर आगे की रणनीति, छात्रों के मुद्दे और अन्य राजनीतिक विषयों पर चर्चा की गई। संसद के दोनों सदनों में दिन की शुरुआत से ही विपक्ष के हंगामे के कारण सामान्य कामकाज प्रभावित रहा।
