Saturday, 26 September 2026
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जयपुर में डिजिटल अरेस्ट: 90 साल के रिटायर्ड जज को 15 दिन तक वीडियो कॉल पर रखा; ₹2.5 करोड़ ठगे

संक्षेप में

जयपुर में 90 साल के रिटायर्ड जिला जज गणपत सिंह भंडारी को सीबीआई और आरबीआई अधिकारी बनकर ठगों ने 15 दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखा और 2.5 करोड़ रुपए ट्रांसफर करवा लिए। बैंक मैनेजर की सतर्कता से मामले का खुलासा हुआ और पुलिस ने 14 लाख रुपए होल्ड करा दिए हैं।

मुख्य बातें

  • 90 साल के रिटायर्ड जिला जज गणपत सिंह भंडारी के साथ हुई ठगी
  • ठगों ने खुद को CBI अधिकारी और RBI मैनेजर बताया था
  • पीड़ित से 3 अगस्त से 10 अगस्त के बीच 2.5 करोड़ रुपए ट्रांसफर कराए गए
  • एसबीआई जोहरी बाजार शाखा के मैनेजर की सूझबूझ से मामला खुला
  • पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 14 लाख रुपए होल्ड करा दिए हैं
जयपुर संभाग
जयपुर में डिजिटल अरेस्ट: 90 साल के रिटायर्ड जज को 15 दिन तक वीडियो कॉल पर रखा; ₹2.5 करोड़ ठगे

जयपुर के ज्योति नगर इलाके में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 90 साल के एक रिटायर्ड जिला जज को करीब 15 दिनों तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखकर 2.5 करोड़ रुपए की ठगी कर ली गई। खुद को सीबीआई और आरबीआई का अधिकारी बताने वाले ठगों ने उन पर 50 करोड़ के हवाला मामले में गिरफ्तारी का दबाव बनाया था।

पीड़ित गणपत सिंह भंडारी के भतीजे रविंद्र सिंह मोहनावत ने ज्योति नगर थाने में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है और ठगी गई रकम में से 14 लाख रुपए होल्ड कराने में सफलता मिली है।

व्हाट्सएप वीडियो कॉल से शुरू हुआ जाल

शिकायत के मुताबिक, 28 जुलाई को गणपत सिंह भंडारी के पास एक व्हाट्सएप वीडियो कॉल आया था। कॉल करने वाले शख्स ने खुद को मुंबई में तैनात सीबीआई अधिकारी बताया और पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। कॉलर ने दावा किया कि मुंबई में 50 करोड़ रुपए के हवाला रैकेट का खुलासा हुआ है, जिसमें से 40 लाख रुपए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में उनके खाते में ट्रांसफर किए गए हैं।

ठगों ने उन्हें गिरफ्तारी की धमकी दी और कहा कि अगर जांच में सहयोग नहीं किया तो उन्हें तुरंत मुंबई तलब किया जाएगा। डर और बदनामी के इस माहौल में ठगों ने उनके एक पारिवारिक सदस्य को भी मामले में घसीटने की धमकी दी। इसके बाद से आरोपी लगातार वीडियो कॉल के जरिए उन पर नजर रखे हुए थे।

15 दिन तक रखा निगरानी में, मिटाए चैट्स

ठगों ने जज को हिदायत दी थी कि वे जांच पूरी होने तक इस बारे में परिवार या किसी अन्य व्यक्ति से कोई बात न करें। उन्हें हर बातचीत के बाद व्हाट्सएप चैट, कॉल लॉग और अन्य मैसेज डिलीट करने को कहा गया था। लगातार दबाव के चलते वे 3 अगस्त से 10 अगस्त के बीच अलग-अलग खातों में करीब 2.5 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर चुके थे।

यह सिलसिला तब रुका जब बुधवार सुबह वे जोहरी बाजार स्थित एसबीआई की शाखा में और पैसे ट्रांसफर करने पहुंचे। बैंक मैनेजर को शक हुआ तो उन्होंने पूछताछ की। पूरी बात जानने के बाद मैनेजर ने तुरंत ट्रांजैक्शन रोक दिया और साइबर फ्रॉड की आशंका जताते हुए उनके भतीजे को सूचना दी।

पुलिस जांच और कार्रवाई

ज्योति नगर SHO गुंजन वर्मा ने बताया कि बुधवार को इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद पीड़ित के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस खातों की डीटेल खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ठगी गई रकम किन-किन खातों में ट्रांसफर हुई और कहां निकाली गई।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जयपुर में डिजिटल अरेस्ट का यह मामला क्या है?

जयपुर में 90 साल के रिटायर्ड जिला जज गणपत सिंह भंडारी को ठगों ने 15 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर 2.5 करोड़ रुपए की ठगी की। ठगों ने खुद को सीबीआई और आरबीआई अधिकारी बताकर 50 करोड़ के हवाला मामले में फंसाने की धमकी दी थी।

ठगी का खुलासा कैसे हुआ?

बुधवार को जब रिटायर्ड जज जोहरी बाजार स्थित एसबीआई बैंक शाखा में और पैसे ट्रांसफर करने पहुंचे, तो बैंक मैनेजर को शक हुआ। मैनेजर ने उन्हें रोककर साइबर फ्रॉड की आशंका जताई और उनके भतीजे को सूचित किया।

पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?

ज्योति नगर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी गई रकम में से करीब 14 लाख रुपए बैंक खातों में होल्ड करवा दिए हैं और आगे की जांच जारी है।

डिजिटल अरेस्ट के दौरान ठगों ने क्या तरीका अपनाया?

ठगों ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए लगातार नजर रखी, गिरफ्तारी का डर दिखाया, किसी से भी बात करने पर रोक लगाई और हर बातचीत के बाद चैट व कॉल लॉग डिलीट करने का निर्देश दिया।