सरकार से समझौते के बाद किसानों ने टाला दिल्ली कूच, आंदोलन जारी रहेगा
अमेरिका-भारत फ्री ट्रेड डील के विरोध में किसानों द्वारा प्रस्तावित दिल्ली कूच फिलहाल टल गया है। सरकार और किसान संगठनों के बीच हुई अहम वार्ता के बाद दोनों पक्षों में सहमति बनी, जिसके चलते किसानों ने फिलहाल दिल्ली कूच और किसान घाट महापंचायत स्थगित करने का फैसला लिया। वार्ता के बाद हिरासत में लिए गए किसान नेताओं को भी रिहा किया जाने लगा, हालांकि किसान संगठनों ने साफ कर दिया कि उनकी मांगें बरकरार हैं और जरूरत पड़ने पर आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा। हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा और किसान नेताओं के बीच हुई बातचीत के बाद आंदोलनकारी वापस लौट गए। दिल्ली कूच से पहले हरियाणा और पंजाब में भारतीय किसान यूनियन के नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी समेत कई किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं को एहतियातन हिरासत में लिया गया था। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव दिलबाग सिंह दिराजके ने बताया कि किसान नेताओं की रिहाई और केंद्र सरकार से वार्ता कराने पर सहमति बनने के बाद फिलहाल धरना और दिल्ली कूच स्थगित किया गया है। वहीं बीकेयू (चढ़ूनी) के प्रवक्ता राकेश ने कहा कि यदि सरकार अमेरिका-भारत ट्रेड डील को रद्द नहीं करती तो किसान संगठन फिर से आंदोलन और दिल्ली कूच की रणनीति बनाएंगे। दूसरी ओर, आंदोलन स्थगित होने के बावजूद हरियाणा के पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से लगते बॉर्डरों पर सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह कड़ी बनी हुई है। अंबाला के शंभू बॉर्डर पर 27 जुलाई तक धारा 163 लागू कर दी गई है, जबकि कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर वाहनों की सघन जांच के चलते कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
