राजस्थान में मौसम का मिजवान एक बार फिर बदलने जा रहा है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए लो-प्रेशर सिस्टम के असर से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, पूर्वी राजस्थान में 11 सितंबर से और पश्चिमी राजस्थान में 12 सितंबर से मानसूनी गतिविधियां फिर से जोर पकड़ेंगी।

फिलहाल राज्य के ज्यादातर इलाकों में शुष्क पश्चिमी हवाएं चल रही हैं, जिससे तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बुधवार को श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 38.27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि साफ आसमान और तेज धूप के चलते राज्य के 10 शहरों में पारा 35 डिग्री से ऊपर बना रहा।

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र

मौसम विभाग के मुताबिक, 11 सितंबर को उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा तट के पास बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की संभावना है। इस सिस्टम के आगे बढ़ने से पूर्वी राजस्थान के आसमान पर बादलों की आवाजाही शुरू होगी और बारिश का दायरा बढ़ेगा।

संभागवार बारिश का अनुमान

11 सितंबर से भरतपुर, जयपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर शुरू होने के आसार हैं। इसके बाद 12 से 15 सितंबर के दौरान बारिश का दायरा और फैलेगा। इस अवधि में जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के अधिकांश इलाकों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 13 और 14 सितंबर को kota news के लिहाज से अहम अपडेट है, जहां कोटा संभाग और आसपास के इलाकों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा, पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ जिलों में 13 से 15 सितंबर के बीच छुटपुट स्थानों पर हल्की बौछारें गिर सकती हैं।