संक्षेप में
तिरुवनंतपुरम की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने क्रिकेट कोच मनु एम. (40) को महिला छात्रा के यौन शोषण के दूसरे मामले में 35 साल की कड़ी कैद और 66,000 रुपये जुर्माने की सज़ा सुनाई। पीड़िता 2018 से कोचिंग सेंटर में ट्रेनिंग ले रही थी। कोच के खिलाफ कुल छह मामले दर्ज हैं और सभी सज़ाएं CrPC धारा 427 के तहत क्रमशः अलग-अलग चलेंगी।
तिरुवनंतपुरम की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने क्रिकेट कोच मनु एम. को 35 साल की कड़ी कैद की सज़ा सुनाई है। 40 वर्षीय इस कोच पर आरोप था कि उसने ट्रेनिंग के बहाने एक महिला क्रिकेट खिलाड़ी के साथ यौन शोषण किया। कोर्ट ने 66,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मामले की पृष्ठभूमि
पीड़िता 2018 से तिरुवनंतपुरम के एक क्रिकेट कोचिंग सेंटर में ट्रेनिंग लेती थी। आरोप है कि कोच मनु ने प्रशिक्षण के नाम पर उसके साथ बार-बार दुर्व्यवहार किया। इस मामले की जांच कैंटोनमेंट पुलिस ने की।
स्पेशल जज अंजु मीरा बिर्ला ने यह फैसला दूसरे यौन शोषण मामले में सुनाया। अदालत ने साथ ही तीसरे मामले में भी आरोपी को दोषी पाया, जिसमें सज़ा का ऐलान अगले दिन — 27 जून 2026 को — किया जाएगा।
एक के बाद एक चलेंगी सज़ाएं
मनु के खिलाफ कुल छह मामले दर्ज हैं। इनमें से चार मामलों में मुकदमा पूरा हो चुका है। अदालत ने स्पष्ट किया कि दूसरे मामले की सज़ा पहले मामले की सज़ा पूरी होने के बाद शुरू होगी।
स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर आर.एस. विजय मोहन ने CrPC की धारा 427 के तहत दलील दी कि हर मामले की सज़ा क्रमशः अलग-अलग चले, न कि एक साथ। कोर्ट ने इस तर्क को मानते हुए फैसला सुनाया।
जुर्माना न भरने पर मनु को अतिरिक्त छह साल नौ महीने की जेल काटनी होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्रिकेट कोच मनु एम. को कितने साल की सज़ा मिली?
तिरुवनंतपुरम फास्ट ट्रैक कोर्ट ने क्रिकेट कोच मनु एम. को 35 साल की कड़ी कैद और 66,000 रुपये जुर्माने की सज़ा सुनाई। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त छह साल नौ महीने की जेल भी होगी।
कोच मनु पर कितने मामले दर्ज हैं और किस मामले में सज़ा हुई?
मनु एम. के खिलाफ कुल छह मामले दर्ज हैं। यह सज़ा दूसरे यौन शोषण मामले में सुनाई गई है। चार मामलों का ट्रायल पूरा हो चुका है, और तीसरे मामले में सज़ा 27 जून 2026 को सुनाई जाएगी।
क्या मनु की सभी सज़ाएं एक साथ चलेंगी या अलग-अलग?
अदालत ने CrPC की धारा 427 के तहत आदेश दिया कि सभी मामलों की सज़ाएं क्रमशः अलग-अलग चलेंगी। यानी पहले मामले की सज़ा खत्म होने के बाद दूसरे मामले की सज़ा शुरू होगी।
पीड़िता कब से कोचिंग सेंटर में जाती थी और मामले की जांच किसने की?
पीड़िता 2018 से तिरुवनंतपुरम के एक क्रिकेट कोचिंग सेंटर में प्रशिक्षण ले रही थी। इस मामले की जांच कैंटोनमेंट पुलिस ने की।