भारतीय वायुसेना का मेगा बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास ‘तरंगशक्ति-2026’ सितंबर से राजस्थान के जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर आयोजित होने जा रहा है। करीब एक पखवाड़े तक चलने वाले इस युद्धाभ्यास में भारत के साथ कई मित्र देशों की वायु सेनाएं हिस्सा लेंगी। अभ्यास के लिए 51 देशों को आमंत्रित किया गया है, जबकि 18 देशों के सैन्य पर्यवेक्षकों के शामिल होने की जानकारी है। अमेरिका, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, ग्रीस, सिंगापुर, बांग्लादेश और श्रीलंका समेत कई देश अपने लड़ाकू विमान, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर लेकर शामिल हो सकते हैं। ‘तरंगशक्ति-2026’ सिर्फ हवाई युद्धाभ्यास तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके दौरान डिफेंस एक्सपो, सैन्य क्षमताओं और नई युद्ध तकनीकों का प्रदर्शन भी होगा। भारत इस मौके पर अपनी स्वदेशी रक्षा तकनीक और उपकरणों को दुनिया के सामने पेश करेगा, जिससे भविष्य में रक्षा निर्यात के नए बाजार तलाशने में मदद मिल सके। भारतीय वायुसेना के अलग-अलग विमान जटिल हवाई मैन्युवर का प्रदर्शन करेंगे, जबकि सूर्यकिरण टीम के 9 हॉक विमानों और सारंग हेलीकॉप्टर टीम के भी शामिल होने की संभावना है। मानसून के बाद जोधपुर का साफ आसमान हवाई अभ्यास के लिए अनुकूल माना जाता है। यह युद्धाभ्यास इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मई 2025 के ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह भारतीय वायुसेना का पहला बड़ा बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास होगा। तरंगशक्ति का पहला संस्करण 2024 में तमिलनाडु और जोधपुर में आयोजित किया गया था।