Sunday, 25 October 2026
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मंदिर मार्ग थाने के बाहर नारेबाजी पर नेहा बोरा का सवाल: पुलिस की कार्रवाई पर उठाए गंभीर आरोप; 28 अक्टूबर को अगली सुनवाई

संक्षेप में

AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने दिल्ली के मंदिर मार्ग पुलिस थाने के बाहर नारेबाजी करने वालों पर कार्रवाई न होने को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश पर वह दस्तावेज लेने SEM कोर्ट पहुंची थीं, जहाँ मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को तय की गई है।

मुख्य बातें

  • AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने मंदिर मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शनकारियों को लेकर पुलिस पर सवाल उठाए।
  • नेहा बोरा के मुताबिक थाने के बाहर भीड़ ने
  • SEM कोर्ट ने कार्यपालक मजिस्ट्रेट के जरिए नोटिस से जुड़े दस्तावेज सौंपे।
  • मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी।
देश विदेश
मंदिर मार्ग थाने के बाहर नारेबाजी पर नेहा बोरा का सवाल: पुलिस की कार्रवाई पर उठाए गंभीर आरोप; 28 अक्टूबर को अगली सुनवाई

AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा ने दिल्ली के मंदिर मार्ग पुलिस थाने के बाहर सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। SEM कोर्ट में पेशी के सिलसिले में पहुंचीं बोरा ने आरोप लगाया कि थाने के बाहर 50 से अधिक लोगों ने जमा होकर उन्हें धमकियां दीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।

'देखते हैं कौन बचाता है' — नारेबाज़ी और धमकियों का आरोप

SEM कोर्ट पहुंचने के दौरान मंदिर मार्ग थाने के बाहर हुए घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए नेहा बोरा ने कहा कि थाने के बाहर भीड़ जुटाकर उनके खिलाफ सीधे नारे लगाए जा रहे थे।

बोरा ने आरोप लगाया- "वहां 50 से 60 लोग खड़े होकर कह रहे थे कि देखते हैं कि नेहा बोरा को कौन बचाता है। पुलिस इन लोगों को वहां से हटाने के बजाय तमाशबीन बनी हुई थी, जबकि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को तुरंत अराजक मान लिया जाता है।"

उन्होंने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह की खुलेआम नारेबाजी और धमकियां शांति भंग करने के दायरे में आती हैं, इसके बावजूद स्थानीय पुलिस ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया। हालांकि, थाने के बाहर जुटे लोगों की वास्तविक पहचान और उनके वहां मौजूद रहने के कारणों को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

दिल्ली हाई कोर्ट से निर्देश के बाद SEM कोर्ट में पेशी

यह पूरा घटनाक्रम दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा राहत नहीं दिए जाने के बाद सामने आया है। अदालत के निर्देश के बाद नेहा बोora मंदिर मार्ग स्थित SEM कोर्ट पहुंची थीं, जहां कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने उन्हें नोटिस से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज सौंप दिए।

मामले की अगली सुनवाई आगामी 28 अक्टूबर को तय की गई है। इसी निर्धारित तिथि पर नेहा बोरा को अदालत में अपना जवाब दाखिल करना होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नेहा बोरा ने मंदिर मार्ग थाने के बाहर क्या आरोप लगाया?

AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने आरोप लगाया कि थाने के बाहर 50 से 60 लोगों की भीड़ ने उन्हें धमकियां दीं और 'मुर्दाबाद' के नारे लगाए, लेकिन पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की।

SEM कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई कब है?

SEM कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को निर्धारित की गई है, जिस दिन उन्हें नोटिस का जवाब देना होगा।

नेहा बोरा SEM कोर्ट क्यों गईं थीं?

दिल्ली हाई कोर्ट से राहत न मिलने के बाद, हाई कोर्ट के निर्देशानुसार कार्यपालक मजिस्ट्रेट से नोटिस से जुड़े दस्तावेज प्राप्त करने के लिए वह SEM कोर्ट पहुंची थीं।