मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर कस्बे में प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के बाद सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। कलेक्टर के निर्देश पर नगर परिषद की टीम ने फुव्वारा तिराहे से तालाब तक अभियान चलाते हुए दुकानों के बाहर लगाए गए टीन शेड जेसीबी से गिरवा दिए। हालांकि, दीपावली जैसे बड़े त्योहार से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर तीखा विरोध शुरू हो गया है।
प्रशासन ने इस कार्रवाई के पीछे मुख्य वजह सड़क पर आवागमन में बाधा और जाम की समस्या को बताया है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क किनारे अतिक्रमण के कारण लगातार ट्रैफिक बाधित हो रहा था, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
सियासी दलों के निशाने पर प्रशासन
त्योहार के मुहाने पर हुई इस तोड़फोड़ के बाद राजनीतिक दलों के नेताओं ने प्रशासन की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। पृथ्वीपुर से कांग्रेस विधायक नितेंद्र सिंह राठौर ने इस कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को बुलडोजर चलाने से पहले छोटे दुकानदारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी, ताकि उनकी रोजी-रोटी पर संकट न आए।
वहीं, स्थानीय भाजपा नेता भूपेंद्र अग्रवाल ने भी कार्रवाई के समय और तौर-तरीकों पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि दुकानदारों को बिना किसी पूर्व नोटिस के अचानक प्रशासन ने यह कदम उठाया, जो न्यायसंगत नहीं है। त्योहार के वक्त इस तरह की कार्रवाई से व्यापारियों में नाराजगी है।
क्या बोले जिम्मेदार?
विपक्ष और राजनीतिक दलों के विरोध के बीच नगर परिषद पृथ्वीपुर के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) अरविंद तिवारी ने प्रशासन के फैसले का बचाव किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई शहर में सुचारू यातायात व्यवस्था बहाल करने और अवैध कब्जों को हटाने के लिए नियमानुसार की गई है।
