राजस्थान विधानसभा के नए सत्र की तैयारियों के बीच भजनलाल सरकार नए विधेयक लाने की तैयारी में जुटी है, लेकिन दूसरी ओर 9 ऐसे विधेयक हैं, जिन्हें विधानसभा और राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बावजूद अब तक लागू नहीं किया जा सका है। मंजूरी के बाद भी प्रभावी नहीं होने के कारण ये कानून फिलहाल कागजों तक सीमित हैं। इनमें 5 कानून मौजूदा भजनलाल सरकार के कार्यकाल के हैं, 3 पिछली सरकार के समय के और एक कानून ऐसा है जो 2015 से फाइलों में अटका हुआ है। हैरानी की बात यह है कि इनमें से 6 कानूनों को लागू करने के लिए संबंधित विभागों को सिर्फ प्रभावी होने की तारीख अधिसूचित करनी है, लेकिन अब तक तारीख तय नहीं की गई। वहीं, इसी साल विधानसभा और राज्यपाल से मंजूरी पा चुके दो विश्वविद्यालयों की स्थापना की प्रक्रिया भी करीब 5 महीने बाद शुरू नहीं हो पाई है। इन विश्वविद्यालयों में कुलगुरु की नियुक्ति सहित अन्य जरूरी प्रक्रियाएं भी लंबित हैं। ऐसे में नए विधेयकों की तैयारी के बीच सरकार के सामने पुराने और मंजूर कानूनों को प्रभावी करने की चुनौती भी बनी हुई है।