संसद के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को भी विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। तेज बारिश के बावजूद विपक्षी सांसद संसद परिसर में जुटे और राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी तथा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज के मुद्दे को लेकर विरोध जताया। विपक्षी सांसदों ने सरकार से इन मामलों पर जवाब और चर्चा की मांग की। प्रदर्शन के बाद लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन दोनों सदनों में विपक्ष के हंगामे का असर देखने को मिला। हंगामे के बीच लोकसभा में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास  विधेयक 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। विपक्ष के लगातार विरोध और नारेबाजी के बीच दोनों सदनों की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा में विपक्षी सांसदों ने ‘अमित शाह सदन में आओ’ के नारे लगाए। इस पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने जवाब देते हुए कहा कि गृह मंत्री अमित शाह सुबह से रात तक संसद में ही रहते हैं। उन्होंने लोकसभा में अमित शाह का बचाव करते हुए कहा कि अमित शाह का नाम सुनते ही आतंकवादी कांप उठते हैं। इस बीच कांग्रेस ने अपने सभी सांसदों को 10 से 12 अगस्त तक संसद में मौजूद रहने के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया है। पार्टी ने सांसदों को इन तारीखों में सदन में उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। कांग्रेस के इस कदम से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में संसद में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो सकता है।