राजस्थान में पेट्रोल-डीजल वाहनों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) की अक्टूबर 2026 की वाहन रिटेल रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में दोपहिया से लेकर कमर्शियल वाहनों तक ईवी की हिस्सेदारी में भारी उछाल आया है। अक्टूबर 2025 में दोपहिया वाहनों की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 4.88 प्रतिशत थी, जो अक्टूबर 2026 में बढ़कर 11.66 प्रतिशत पर पहुंच गई।
तिपहिया और यात्री वाहनों में भी तेजी
तिपहिया वाहनों की श्रेणी में इलेक्ट्रिक वाहनों का दबदबा सबसे मजबूत बना हुआ है। अक्टूबर 2026 में बिके कुल तिपहिया वाहनों में 61.27 प्रतिशत हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक वाहनों की रही। पिछले साल इसी महीने में यह आंकड़ा 47.67 प्रतिशत था, यानी एक साल के भीतर इसमें 13.6 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
यात्री वाहनों यानी कारों के सेगमेंट में भी ईवी की मांग दोगुनी से अधिक हो गई है। अक्टूबर 2025 में कुल यात्री वाहन बिक्री में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी 3.76 प्रतिशत थी, जो अक्टूबर 2026 में बढ़कर 8.77 प्रतिशत हो गई। इसके अलावा, कमर्शियल वाहनों में भी ईवी का दायरा 1.56 प्रतिशत से बढ़कर 8.14 प्रतिशत पर पहुंच गया है। वहीं, हाइब्रिड यात्री वाहनों की हिस्सेदारी भी 4.09 प्रतिशत से बढ़कर 6.35 प्रतिशत हो गई है।
वाहन श्रेणी अक्टूबर 2025 (ईवी हिस्सेदारी) अक्टूबर 2026 (ईवी हिस्सेदारी)
दोपहिया वाहन
4.88%
11.66%
तिपहिया वाहन
47.67%
61.27%
यात्री वाहन
3.76%
8.77%
कमर्शियल वाहन
1.56%
8.14%
त्योहारी सीजन और बाजार का रुख
फाडा राजस्थान के अध्यक्ष सौरभ अग्रवाल के मुताबिक, अक्टूबर में राज्य में कुल वाहन पंजीकरण 1,93,656 दर्ज किए गए। हालांकि पिछले साल की समान अवधि की तुलना में कुल पंजीकरण में कुछ गिरावट आई है, लेकिन सितंबर के मुकाबले अक्टूबर में मासिक आधार पर 39.6 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी हुई है। त्योहारी कैलेंडर में बदलाव के बावजूद दोपहिया और यात्री वाहनों की बिक्री में सुधार देखा गया है, जिसमें ईवी की सालाना आधार पर 46.2 प्रतिशत की वृद्धि का बड़ा योगदान रहा है।
