कोटा जिले की सुकेत नगर पालिका के पहले अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा ने बाजी मार ली है। भाजपा प्रत्याशी जितेंद्र चोपड़ा ने कांग्रेस के उमरदीन खान को बेहद करीबी मुकाबले में सिर्फ एक वोट के अंतर से मात दी। इस जीत के साथ ही जितेंद्र चोपड़ा सुकेत नगर पालिका के इतिहास में पहले अध्यक्ष बन गए हैं।
मतदान के दौरान दोनों दलों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। 25 वार्डों वाली इस नगर पालिका में अध्यक्ष पद की कुर्सी हासिल करने के लिए 13 वोटों के बहुमत की जरूरत थी। मतगणना में जितेंद्र चोपड़ा को 13 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार उमरदीन खान को 12 वोट हासिल हुए।
निर्दलियों के समर्थन से पलटा पासा
सुकेत नगर पालिका के शुरुआती चुनावी नतीजों में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। कुल 25 वार्डों में से कांग्रेस ने 11 पर जीत दर्ज की थी, जबकि भाजपा के खाते में 10 वार्ड आए थे। वहीं, 4 निर्दलीय पार्षदों ने चुनाव में जीत हासिल की थी।
बहुमत का जादुई आंकड़ा 13 होने के कारण चारों निर्दलीय पार्षदों की भूमिका निर्णायक बन गई थी। भाजपा ने सूझबूझ दिखाते हुए निर्दलीय पार्षदों का समर्थन जुटा लिया और बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया। इसी सियासी समीकरण के दम पर जितेंद्र चोपड़ा अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचने में सफल रहे।
वार्ड 7 से पार्षद का चुनाव जीतकर तय किया सफर
अध्यक्ष पद तक पहुंचने से पहले जितेंद्र चोपड़ा ने वार्ड नंबर 7 से पार्षद का चुनाव लड़ा था। भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरे चोपड़ा को इस वार्ड में 268 वोट मिले थे। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी राम भरोस को 171 वोटों के बड़े अंतर से हराया था।
वार्ड स्तर पर मिली इस मजबूत जीत के बाद पार्टी संगठन ने उन्हें अध्यक्ष पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया। सुकेत के नगर पालिका बनने के बाद यह पहला मौका है जब यहां किसी अध्यक्ष का चुनाव हुआ है। इस जीत के साथ ही सुकेत नगर पालिका में भाजपा का बोर्ड भी गठित हो गया है।
