भोपाल-सागर मार्ग पर आलमपुर के समीप एमपीआरडीसी द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से कराया जा रहा सड़क निर्माण कार्य पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गया है। सड़क का एक हिस्सा धंस गया है, जबकि पुलिया बह जाने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया। मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को घंटों परेशानियों का सामना करना पड़ा।स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था की अनदेखी की गई है। बारिश का पानी पुलिया की क्षमता से अधिक होने के कारण सड़क का हिस्सा धंस गया और पुलिया बह गई। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।भोपाल और सागर को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण मार्ग क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता है। सड़क क्षतिग्रस्त होने से न केवल यातायात प्रभावित हुआ, बल्कि किसी बड़े हादसे की आशंका भी बनी हुई है। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगने से यात्रियों, व्यापारियों तथा स्थानीय नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।क्षेत्रवासियों ने प्रशासन एवं एमपीआरडीसी से तत्काल क्षतिग्रस्त सड़क और पुलिया की मरम्मत कराने तथा निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि पहली बारिश ही सड़क निर्माण की पोल खोल दे, तो यह जिम्मेदार एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
करोड़ों की सड़क पहली बारिश में बेनकाब!
संक्षेप में
भोपाल-सागर मार्ग पर आलमपुर के पास एमपीआरडीसी द्वारा कराया जा रहा करोड़ों रुपये का सड़क निर्माण कार्य पहली बारिश में ही सवालों के घेरे में आ गया है। तेज बारिश के बाद सड़क का एक हिस्सा धंस गया और पुलिया बह गई, जिससे यातायात बाधित हो गया।
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