देश के 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन इस बार ऐतिहासिक रूप से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से बाहर गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर में किया गया। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के भव्य परिसर में हुए इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय सिनेमा के दिग्गजों और प्रतिभाशाली कलाकारों को सम्मानित किया। सात दशकों से अधिक के इतिहास में यह पहला मौका है जब यह प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोह दिल्ली के बाहर आयोजित हुआ है।
अनंत नाग को दादा साहब फाल्के, कार्तिक आर्यन और यामी गौतम को शीर्ष सम्मान
समारोह में भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान 'दादा साहब फाल्के पुरस्कार' से अनुभवी अभिनेता अनंत नाग को नवाजा गया। अनंत नाग ने अपने पांच दशक से लंबे करियर में कन्नड़ सहित भारतीय सिनेमा की 300 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया है।
वहीं, अभिनय की मुख्य श्रेणियों में अभिनेता कार्तिक आर्यन को फिल्म 'चंदू चैंपियन' के लिए और अभिनेत्री यामी गौतम को 'आर्टिकल 370' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और अभिनेत्री का पुरस्कार प्रदान किया गया। नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NFDC) द्वारा घोषित इन पुरस्कारों में वर्ष 2024 में रिलीज हुई फिल्मों को सराहा गया।
फीचर और पॉपुलर फिल्म कैटेगरी के विजेता
फीचर फिल्म श्रेणी में 'आर्टिकल 370' को 'बेस्ट फीचर फिल्म' का खिताब मिला, जबकि डिस्टोपियन साइंस-फिक्शन फिल्म 'कल्कि 2898 AD' को 'बेस्ट पॉपुलर फीचर फिल्म' चुना गया। निर्देशन के क्षेत्र में राजकुमार पेरियासामी को फिल्म 'अमरन' के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार दिया गया।
अन्य प्रमुख विजेताओं में संजय मिश्रा को फिल्म 'भक्षक' के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का पुरस्कार मिला, जबकि रूपाश्री वरकाडी और सचना नमिदास को बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस चुना गया। संगीत और तकनीकी श्रेणियों में 'आर्टिकल 370' के लिए शाश्वत सचदेव को बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर और 'पुष्पा 2' के लिए सुकुमार को बेस्ट स्टोरी का पुरस्कार मिला। क्षेत्रीय भाषा श्रेणी में 'श्रीकांत' को बेस्ट हिंदी फिल्म का सम्मान दिया गया।
नॉन-फीचर और डॉक्यूमेंट्री श्रेणियां
फीचर फिल्मों के अलावा नॉन-फीचर श्रेणी में भी कई कार्यों को मान्यता दी गई। फिल्म निर्माता आनंद एल. राय को 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी – एकता का प्रतीक' के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशन का पुरस्कार मिला। वहीं, बेस्ट डॉक्यूमेंट्री का पुरस्कार भारतबाला गणपति द्वारा निर्देशित 'राम-नामी' को दिया गया।
इस वर्ष के समारोह के लिए कुल 400 फीचर फिल्मों, 161 नॉन-फीचर फिल्मों, 38 किताबों और 24 क्रिटिक्स सबमिशन के बीच से विजेताओं का चयन किया गया था। केवड़िया में आयोजित यह समरोह भारतीय सिनेमा की विविधता और उसकी व्यापक पहुंच को रेखांकित करता है।
