भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बुधवार को 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पार्टी के नए प्रभारियों और सह-प्रभारियों की सूची जारी कर दी है। पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से घोषित इस नई फेरबदल सूची में कई दिग्गज नेताओं को महत्वपूर्ण राज्यों की कमान सौंपी गई है।
संजय भाटिया को राजस्थान का नया प्रभारी बनाया गया है, जबकि बिप्लब कुमार देव को मध्य प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजस्थान में इससे पहले डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल प्रभारी थे, और मध्य प्रदेश की कमान डॉ. महेंद्र सिंह संभाल रहे थे।
राज्यों में बदले समीकरण, स्मृति और राम माधव को दोहरी जिम्मेदारी
नई सूची के मुताबिक, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ और हरियाणा का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, वरिष्ठ नेता राम माधव को तमिलनाडु और उत्तराखंड की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, तीन अन्य नेताओं को भी दो-दो राज्यों का प्रभारी बनाया गया है।
महत्वपूर्ण राजनीतिक राज्य उत्तर प्रदेश में विनोद तावड़े को प्रभारी बनाया गया है, जबकि उनके साथ चार सह-प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। पंजाब की जिम्मेदारी सतीश पूनिया और गुजरात की कमान तरुण चुघ को सौंपी गई है। इन तीनों नेताओं की नियुक्ति पार्टी ने पहले ही 18 अगस्त को कर दी थी, जिसके बाद अब बाकी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नामों का ऐलान किया गया है। बिहार में हरीश द्विवेदी को पार्टी का नया प्रभारी बनाया गया है।
कई राज्यों में सह-प्रभारी पद खाली
पार्टी के संगठनात्मक ढांचे के तहत देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस बार कोई सह-प्रभारी नियुक्त नहीं किया गया है। इनमें अंडमान-निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा नगर हवेली एवं दमन और दीव, लद्दाख और लक्षद्वीप शामिल हैं। इसके अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों—मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड, पुडुचेरी, सिक्किम और त्रिपुरा में भी सिर्फ प्रभारी ही नियुक्त किए गए हैं।
नियोजन प्रक्रिया के तहत कुछ राज्यों को विशेष प्रशासनिक और संगठनात्मक प्राथमिकता दी गई है। महाराष्ट्र में पार्टी ने संतुलन बनाते हुए दो प्रभारी—बैजयंत जय पांडा और अमित मालवीय—तथा दो सह-प्रभारी—सदानंद शेट तनवाडे और कमलजीत सहरावत—नियुक्त किए हैं।
इसी तरह अनिल एंटनी को दोहरी जिम्मेदारी दी गई है। वे नगालैंड के प्रभारी होने के साथ-साथ गोवा के सह-प्रभारी की भूमिका भी निभाएंगे। असम, बिहार, दिल्ली, राजस्थान और तमिलनाडु ऐसे पांच राज्य हैं जहां पार्टी ने कामकाज सुचारू रखने के लिए दो-दो सह-प्रभारी तैनात किए हैं।
