मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय एक सार्वजनिक मंच से दिए गए बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। इंदौर के वार्ड नंबर 6 में एक विकास कार्यों के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्थानीय महिला पार्षद संध्या यादव को लेकर टिप्पणी की थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सियासी पारा चढ़ गया है।
कार्यक्रम में क्या था मामला
यह पूरा घटनाक्रम इंदौर के वार्ड नंबर 6 में करीब 7 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लोकार्पण समारोह के दौरान सामने आया। मंच से संबोधन के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पार्षद संध्या यादव की शारीरिक बनावट को लेकर एक टिप्पणी की। वायरल वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि संध्या दीदी की भी चौड़ाई थोड़ी बढ़ गई है।
कार्यक्रम का यह वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। कांग्रेस नेताओं ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। AICC मीडिया कोऑर्डिनेटर नीलाभ शुक्ला ने सार्वजनिक मंच से दी गई इस टिप्पणी को निंदनीय बताया और इसे महिला जनप्रतिनिधियों का अपमान करार दिया।
प्रदेश नेतृत्व की ताकीद के बाद जारी किया माफीनामा
बयान पर चौतरफा घिरने और पार्टी स्तर पर दबाव बढ़ने के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सफाई दी और एक वीडियो जारी कर माफी मांगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह टिप्पणी किसी के अपमान के इरादे से नहीं की गई थी, बल्कि अनजाने में उनके मुंह से निकल गई थी।
मंत्री विजयवर्गीय ने अपने सफाई वीडियो में कहा कि जब पार्षद संध्या यादव उनके पास से गुजरकर माइक स्टैंड की तरफ आ रही थीं, तो उनके ठीक पीछे एक कार्यकर्ता चल रहा था। कार्यकर्ता के स्पष्ट रूप से दिखाई न देने पर उन्होंने वह टिप्पणी कर दी थी। उन्होंने आगे कहा कि संध्या उनकी बेटी जैसी हैं और उनका ऐसा कोई उद्देश्य नहीं था।
