बेंगलुरु में आयोजित प्रवासी राजस्थानी संगम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रवासी राजस्थानियों से प्रदेश की विकास यात्रा से और मजबूती से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि राजस्थान से दूर रहकर भी प्रवासी राजस्थानियों ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और उद्यमशीलता से देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान की संस्कृति, परंपराओं और अपनी मातृभूमि की मिट्टी की खुशबू को भी दुनिया तक पहुंचाने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों का मातृभूमि से जुड़ाव केवल भावनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ अभियान के जरिए उन्होंने सामाजिक सरोकारों में भी सक्रिय भागीदारी निभाई है। जल संरक्षण समेत कई क्षेत्रों में प्रवासी समाज के योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान के विकास में प्रवासी राजस्थानियों की भूमिका आने वाले समय में और महत्वपूर्ण हो सकती है। मुख्यमंत्री ने प्रवासी राजस्थानियों को 10 दिसंबर 2026 को जयपुर में आयोजित होने वाले प्रवासी राजस्थानी दिवस समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया और अपने खास अंदाज में कहा— ‘पधारो म्हारे देस।’