राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र 20 अगस्त 2026 से शुरू होने जा रहा है। सरकार ने सत्र को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं और विपक्ष समेत सभी विधायकों के सवालों के जवाब के लिए मंत्रियों की जिम्मेदारियां तय कर दी हैं। सत्र के दौरान सभी मंत्री रोजाना सदन में मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अधीन विभागों से जुड़े विधानसभा कार्यों के लिए भी मंत्रियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। डिप्टी सीएम दिया कुमारी समेत पांच मंत्रियों को मुख्यमंत्री के विभागों से जुड़े सवालों के जवाब देने, प्रस्तावों के अनुमोदन और अन्य संसदीय कार्यों के लिए अधिकृत किया गया है। विधानसभा सत्र से पहले सभी मंत्री प्रदेश के 41 जिलों का दौरा कर आम लोगों की समस्याएं सुनेंगे और लंबित मामलों की जानकारी लेंगे। हालांकि निकाय और पंचायत चुनाव की प्रक्रिया के चलते आचार संहिता लागू होने की संभावना है, इसलिए सरकार सत्र के दौरान नई भर्तियों और नई वित्तीय घोषणाओं का ऐलान नहीं कर सकेगी। पहले से स्वीकृत और जारी विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा सकेगा। सरकार ने संसदीय कार्यों के लिए विभागवार जिम्मेदारियां भी तय की हैं। दिया कुमारी को आयोजना, आयोजना जनजाति और सांख्यिकी विभागों से जुड़े कार्य सौंपे गए हैं, जबकि गजेंद्र सिंह को खान एवं पेट्रोलियम, मत्स्य, राजकीय उपक्रम, प्रवासी भारतीय, कृषि सिंचित क्षेत्र विकास एवं जल उपयोगिता, इंदिरा गांधी नहर, आबकारी और कराधान विभागों से जुड़े संसदीय कार्यों के लिए अधिकृत किया गया है। सरकार की इस व्यवस्था का उद्देश्य मानसून सत्र के दौरान विधानसभा का कामकाज सुचारू रूप से चलाना और विधायकों के सवालों का प्रभावी तरीके से जवाब देना है।