राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मानसिंह अस्पताल की व्यवस्थाओं में बड़े बदलाव की तैयारी है। मरीजों को त्वरित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी की उच्चस्तरीय बैठक में 10 अहम फैसलों को मंजूरी दी गई है। इसके तहत आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की डिजिटल हेल्थ इंसेंटिव स्कीम के तहत 2.5 करोड़ रुपए से अधिक के नए आईटी हार्डवेयर और उपकरण खरीदे जाएंगे और अस्पताल के पुराने व नए मेडिकल रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल किया जाएगा। मरीजों और कर्मचारियों के बीच बेहतर संवाद के लिए डीडीसी, पंजीयन डेस्क और मरीज इंटरफेस काउंटरों पर 100 टू-वे माइक्रोफोन सिस्टम लगाए जाएंगे। ‘अपना घर’ के आश्रमवासियों और निजी स्वास्थ्य बीमा धारकों को भी नए लाभार्थी वर्ग में शामिल करने की मंजूरी दी गई है। वहीं यूनिट हेड्स को छोटी जरूरतों के लिए एक बार में 10 हजार और साल में अधिकतम 50 हजार रुपए तक खर्च करने का अधिकार मिलेगा। न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, पीएमआर और पैलिएटिव मेडिसिन विभागों के लिए आधुनिक चिकित्सा, ऑपरेशन थिएटर और डायग्नोस्टिक उपकरण खरीदे जाएंगे। ट्रॉमा सेंटर में ‘पीएम राहत काउंटर’ के संचालन की व्यवस्था को भी मंजूरी मिली है। अस्पताल के सुरक्षा और सफाई कर्मचारियों के लिए 25 प्रतिशत हाई-रिस्क अलाउंस पर सहमति बनी है, जबकि निजी कॉटेज के किराये में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा कानूनी मामलों के लिए अधिवक्ताओं के एम्पैनलमेंट, पारिश्रमिक, मानव संसाधन और खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने से जुड़े प्रस्ताव भी मंजूर किए गए हैं। सरकार का दावा है कि इन फैसलों के लागू होने के बाद SMS अस्पताल में इलाज, डिजिटल सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में तेजी आएगी और लाखों मरीजों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।