Tuesday, 22 September 2026
अभी का दौर

मंदसौर में सफाई कर्मचारियों का बड़ा मोर्चा: 15 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, चेतावनी

संक्षेप में

मंदसौर में नगर पालिका सफाई कर्मचारियों के संयुक्त मोर्चे ने 15 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों ने ठेका प्रथा बंद करने, लंबे समय से कार्यरत कर्मियों को स्थायी करने और अनुकंपा नियुक्ति की मांग की है।

मुख्य बातें

  • मंदसौर में सफाई कर्मचारियों ने 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा
  • नगर पालिका कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले हुआ प्रदर्शन
  • इससे पहले 22 जून, 30 जुलाई और 6 अगस्त को भी दिए जा चुके हैं ज्ञापन
  • आउटसोर्स ठेका प्रथा बंद करने और अनुकंपा नियुक्ति देने की है मुख्य मांग
मध्य प्रदेश
मंदसौर में सफाई कर्मचारियों का बड़ा मोर्चा: 15 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, चेतावनी

मंदसौर में लंबित मांगों को लेकर नगर पालिका सफाई कर्मचारियों ने लामबंद होकर मोर्चा खोल दिया है। नगर पालिका कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले विभिन्न संगठनों से जुड़े कर्मचारियों ने एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री के नाम 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा।

संगठनों के मुताबिक, पिछले करीब दो वर्षों से लगातार मांगें उठाई जा रही हैं। इससे पहले भी 22 जून, 30 जुलाई और 6 अगस्त को नगर पालिका अधिकारी और अध्यक्ष को ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर समाधान नहीं होने के कारण कर्मचारियों को सड़क पर उतरना पड़ा।

प्रमुख मांगें और सेवा शर्तें

ज्ञापन में मुख्य रूप से 15 से 20 वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतन भोगी और सफाई कर्मचारियों को तत्काल स्थायी करने की मांग की गई है। इसके अलावा, सेवा के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार के एक सदस्य को एक महीने के भीतर अनुकंपा नियुक्ति देने की बात प्रमुखता से उठाई गई है।

शहरी क्षेत्र के भौगोलिक विस्तार और नई कॉलोनियों के गठन का हवाला देते हुए सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए 100 पुरुष और 100 महिला सफाई कर्मचारियों की नए सिरे से नियुक्ति की मांग भी रखी गई है। संगठनों का कहना है कि इन नए कर्मचारियों को भी तीन साल की सेवा के बाद स्थायी किया जाए।

ठेका प्रथा बंद करने की मांग

कर्मचारियों ने नगर पालिका में आउटसोर्स ठेका पद्धति और एनजीओ आधारित व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि कर्मचारियों से नियमों के विपरीत 8 घंटे से अधिक काम न लिया जाए और यदि अतिरिक्त काम लिया जाता है, तो उसका नियमानुसार अतिरिक्त भत्ता दिया जाए।

इसके साथ ही, अवकाश के दिनों में काम कराए जाने की स्थिति में उस दिन का वेतन देने, बिना किसी ठोस कारण या कर्मचारी का पक्ष सुने बिना सेवा से बाहर न करने और मूल दस्तावेजों में कथित काट-छांट के मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।

कई संगठन रहे शामिल

इस प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा मंदसौर, अखिल भारतीय वाल्मीकि महापंचायत, म.प्र. दैनिक वेतन भोगी कार्यभारित गैंगमेन एकता यूनियन (सीटू), भारतीय सफाई मजदूर संघ, वाल्मीकि सेना मार्शल कौम और राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी मजदूर यूनियन के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी मौजूद रहे। संयुक्त मोर्चे ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मंदसौर में सफाई कर्मचारियों ने क्यों प्रदर्शन किया?

मंदसौर में सफाई कर्मचारियों ने अपनी 15 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर नगर पालिका कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले प्रदर्शन किया और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

कर्मचारियों की मुख्य मांगें क्या हैं?

प्रमुख मांगों में 15-20 साल से कार्यरत कर्मचारियों को स्थायी करना, एक महीने के भीतर अनुकंपा नियुक्ति देना, आउटसोर्स ठेका प्रथा बंद करना और नए कर्मचारियों की भर्ती शामिल है।

इससे पहले प्रशासन को कब-कब ज्ञापन दिए गए थे?

संगठनों के अनुसार, इससे पहले 22 जून, 30 जुलाई और 6 अगस्त को भी नगर पालिका अधिकारी और अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं।

इस आंदोलन में कौन-से संगठन शामिल रहे?

इसमें अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा, सीटू, भारतीय सफाई मजदूर संघ, वाल्मीकि सेना और राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी मजदूर यूनियन सहित कई संगठन शामिल थे।