मंदसौर में लंबित मांगों को लेकर नगर पालिका सफाई कर्मचारियों ने लामबंद होकर मोर्चा खोल दिया है। नगर पालिका कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले विभिन्न संगठनों से जुड़े कर्मचारियों ने एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री के नाम 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा।
संगठनों के मुताबिक, पिछले करीब दो वर्षों से लगातार मांगें उठाई जा रही हैं। इससे पहले भी 22 जून, 30 जुलाई और 6 अगस्त को नगर पालिका अधिकारी और अध्यक्ष को ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर समाधान नहीं होने के कारण कर्मचारियों को सड़क पर उतरना पड़ा।
प्रमुख मांगें और सेवा शर्तें
ज्ञापन में मुख्य रूप से 15 से 20 वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतन भोगी और सफाई कर्मचारियों को तत्काल स्थायी करने की मांग की गई है। इसके अलावा, सेवा के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार के एक सदस्य को एक महीने के भीतर अनुकंपा नियुक्ति देने की बात प्रमुखता से उठाई गई है।
शहरी क्षेत्र के भौगोलिक विस्तार और नई कॉलोनियों के गठन का हवाला देते हुए सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए 100 पुरुष और 100 महिला सफाई कर्मचारियों की नए सिरे से नियुक्ति की मांग भी रखी गई है। संगठनों का कहना है कि इन नए कर्मचारियों को भी तीन साल की सेवा के बाद स्थायी किया जाए।
ठेका प्रथा बंद करने की मांग
कर्मचारियों ने नगर पालिका में आउटसोर्स ठेका पद्धति और एनजीओ आधारित व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि कर्मचारियों से नियमों के विपरीत 8 घंटे से अधिक काम न लिया जाए और यदि अतिरिक्त काम लिया जाता है, तो उसका नियमानुसार अतिरिक्त भत्ता दिया जाए।
इसके साथ ही, अवकाश के दिनों में काम कराए जाने की स्थिति में उस दिन का वेतन देने, बिना किसी ठोस कारण या कर्मचारी का पक्ष सुने बिना सेवा से बाहर न करने और मूल दस्तावेजों में कथित काट-छांट के मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।
कई संगठन रहे शामिल
इस प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा मंदसौर, अखिल भारतीय वाल्मीकि महापंचायत, म.प्र. दैनिक वेतन भोगी कार्यभारित गैंगमेन एकता यूनियन (सीटू), भारतीय सफाई मजदूर संघ, वाल्मीकि सेना मार्शल कौम और राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी मजदूर यूनियन के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी मौजूद रहे। संयुक्त मोर्चे ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
