Tuesday, 22 September 2026
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रीवा में UGC रोलबैक का विरोध: सवर्ण समाज ने निकाली नेताओं की प्रतीकात्मक शवयात्रा, बिहर नदी के तट पर किया मुंडन

संक्षेप में

रीवा में UGC रोलबैक के विरोध में सवर्ण समाज ने जनप्रतिनिधियों की चुप्पी के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नेताओं की प्रतीकात्मक अर्थी निकाल कर बिहर नदी के तट पर अंतिम संस्कार किया और मुंडन कराया।

मुख्य बातें

  • रीवा में सवर्ण समाज ने UGC रोलबैक के विरोध में नेताओं की प्रतीकात्मक अर्थी निकाली।
  • मुख्य सड़कों से भ्रमण के बाद बिहर नदी के तट पर पुतलों का अंतिम संस्कार किया गया।
  • प्रदर्शनकारियों ने नदी किनारे अपना मुंडन भी कराया।
  • सवर्ण समाज के नेता सुधीर पाण्डेय ने जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर तीखा आक्रोश जताया।
मध्य प्रदेश
रीवा में UGC रोलबैक का विरोध: सवर्ण समाज ने निकाली नेताओं की प्रतीकात्मक शवयात्रा, बिहर नदी के तट पर किया मुंडन

रीवा में यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के एक फैसले के विरोध का अनूठा तरीका सामने आया है। सवर्ण समाज के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने शहर के प्रमुख जनप्रतिनिधियों और नेताओं के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान नेताओं के पुतलों की प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर शहर की मुख्य सड़कों का भ्रमण कराया गया और बिहर नदी के किनारे उनका अंतिम संस्कार किया गया।

बांस की अर्थी और प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार

प्रदर्शन की शुरुआत शहर के एक प्रमुख चौराहे से हुई, जहां बांस से तैयार की गई अर्थी पर सवर्ण नेताओं के प्रतीकात्मक पुतले रखे गए। सफेद कपड़ों से ढकी इस अर्थी को चार लोगों ने कंधा दिया और शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए आगे बढ़े। प्रदर्शनकारियों के हाथों में मटकियां थीं और जुबान पर यूजीसी रोलबैक के नारे गूंज रहे थे।

मुख्य सड़कों से गुजरने के बाद यह जुलूस बिहर नदी के किनारे पहुंचा। वहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुतलों का पिंडदान किया गया, प्रतीकात्मक चिता जलाई गई और अंतिम संस्कार की सभी रस्में पूरी की गईं। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान समाज के कई कार्यकर्ताओं ने नदी तट पर अपना मुंडन भी कराया।

जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर फूटा गुस्सा

इस विरोध प्रदर्शन के पीछे सवर्ण नेताओं की कथित चुप्पी मुख्य वजह बताई जा रही है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यूजीसी के एक हालिया नीतिगत फैसले को लेकर समाज के हितों पर असर पड़ रहा है, लेकिन क्षेत्र या प्रदेश के किसी भी सवर्ण नेता ने इस मुद्दे पर एक शब्द भी नहीं बोला।

सवर्ण समाज के नेता सुधीर पाण्डेय ने कहा कि समाज के बुनियादी सवालों और हितों पर जनप्रतिनिधियों की यह खामोशी अस्वीकार्य है। उनका कहना है कि जब जनता के मुद्दों पर जनप्रतिनिधि सदन से लेकर सड़क तक आवाज उठाने से कतराते हैं, तो जनता को इस तरह के प्रतीकात्मक विरोध का रास्ता अपनाना पड़ता है।

आगे की सुगबुगाहट

बिहर नदी के तट पर हुए इस प्रदर्शन के बाद रीवा के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में ठोस कदम नहीं उठाए गए और नेताओं का रुख नहीं बदला, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल इस अनोखे विरोध प्रदर्शन का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

रीवा में सवर्ण समाज ने क्यों प्रदर्शन किया?

रीवा में सवर्ण समाज ने UGC रोलबैक के समर्थन में और स्थानीय सवर्ण नेताओं द्वारा इस मुद्दे पर कोई बयान न दिए जाने की नाराजगी में जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान क्या अनोखा तरीका अपनाया गया?

प्रदर्शनकारियों ने सवर्ण नेताओं के प्रतीकात्मक पुतलों की अर्थी निकाली, शहर की सड़कों पर भ्रमण कराया और बिहर नदी के किनारे उनका अंतिम संस्कार कर मुंडन कराया।

इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किसने किया?

इस प्रदर्शन का नेतृत्व सवर्ण समाज के नेता सुधीर पाण्डेय और अन्य कार्यकर्ताओं ने किया।

अंतिम संस्कार की रस्में कहाँ पूरी की गईं?

नेताओं के प्रतीकात्मक पुतलों का अंतिम संस्कार रीवा की बिहर नदी के किनारे किया गया, जहां पिंडदान और चिता जलाने की रस्में पूरी हुईं।