बारिश शुरू होते ही शहडोल का पोंडा नाला एक बार फिर आफत का नाला बन गया है। लगातार बारिश के बाद नाले में पानी का जलस्तर बढ़ गया और देखते ही देखते आवागमन का रास्ता जलमग्न हो गया। हालात ऐसे हैं कि दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक ही नहीं, बल्कि स्कूली बसें भी पानी के बीच से जान जोखिम में डालकर गुजरने को मजबूर हैं। पोंडा नाला का यह खौफनाक मंजर एक बार फिर सिस्टम की तैयारियों और वर्षों से लंबित समस्या पर सवाल खड़े कर रहा है।शहडोल जिले में हो रही बारिश का नतीजा जिले के सबसे चर्चित पोंडा नाला जलमग्न हो गया है, हालात ऐसे हैं कि दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक ही नहीं, बल्कि स्कूली बसें भी पानी के बीच से जान जोखिम में डालकर गुजरने को मजबूर हैं। पोंडा नाला में पानी भरने के बाद आसपास के ग्रामीण इलाकों का संपर्क प्रभावित होने लगता है। बारिश तेज होने पर डिंडौरी-जबलपुर और छत्तीसगढ़ की ओर जाने वाले मार्ग पर भी आवागमन बाधित होने का खतरा बना रहता है। पानी का बहाव तेज होने के कारण यहां से गुजरना किसी खतरे से खाली नहीं है। यह पहली बार नहीं है जब पोंडा नाला लोगों के लिए मुसीबत बना हो। पिछले साल पानी के तेज बहाव में एक कार के डूबने की घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि कुछ लोगों के लापता होने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद बारिश आते ही वही तस्वीर दोबारा दिखाई दे रही है। वायरल हो रहे वीडियो और सामने आई तस्वीरों में वाहन और स्कूल बस पानी के बीच से गुजरते नजर आ रहे हैं।हालांकि, अब वर्षों पुरानी इस समस्या के स्थायी समाधान की उम्मीद जगी है। रेलवे विभाग की ओर से पोंडा नाला ब्रिज निर्माण को स्वीकृति मिलने की जानकारी दी गई है। क्षेत्रीय रेल प्रबंधक सोनालिका रिचंदानी के अनुसार, मानसून के बाद पोंडा नाला ब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा...